धर्मशाला – सतीश सूद
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा आज अखिल भारतीय भौतिक अध्यापक संघ के तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ संजीवन कटोच ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। डा. वाई. के विजय, निदेशक विज्ञान अध्यापन अविष्कार केंद्र, आई आई विश्वविद्यालय जयपुर इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता थे।
सर्वप्रथम भौतिक विभाग के अध्यक्ष डॉ एस के सोनी ने मुख्यातिथि, मुख्यवक्ता और अन्य महाविद्यालयों और विद्यालयों से आए हुए अध्यापकों और विद्यार्थियों का अभिनंदन किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ संजीवन कटोच ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में प्रदेश सरकार द्वारा उत्कृष्ट महाविद्यालय के रूप में अनुमोदित अढ़ाई लाख रूपए की लागत से भौतिक विज्ञान विभाग के अविष्कार केंद्र की भी स्थापना की गई है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान विषय के प्रति रुचि भी बढ़ेगी और उन्हें विज्ञान विषय से संबंधित प्रयोग करने में भी सहायता मिलेगी।
भौतिक विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ विक्रम श्री वत्स ने कार्यशाला के मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए बताया कि डा. वाई के विजय भौतिक विज्ञान विषय के प्राध्यापक के रूप में राजस्थान विश्वविद्यालय में 37 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया।
वह विवेकानंद ग्लोबल विश्विद्यालय जयपुर के कुलपति भी रहे हैं।
भौतिकी में पी एच डी की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने उपसाला यूनिवर्सिटी स्वीडन में भी कार्य किया है। अपने लंबे अध्यापन और प्रायोगिक कार्य के दौरान उन्होंने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में ऐसे विद्यार्थी तैयार किए जिन्होंने विज्ञान विषय में अविष्कार करके देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डा. वाई के विजय ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान पढ़ने का विषय नहीं है बल्कि क्रिया आधारित विषय है। विज्ञान को जितना क्रिया आधारित करके सीखा जायेगा उतना ही विद्यार्थियों को लाभ होगा। उन्होंने कार्यशाला में विभिन्न प्रयोगों को करके दिखाया और अध्यापकों को सरल विधि से विज्ञान की अवधारणाओं को विद्यार्थियों को समझने का आह्वान किया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के भौतिक विभाग से डा ओ एस के एस शास्त्री, भौतिक विज्ञान विभाग राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला से डा भरत भूषण, डा गोविंद, डा सरिता भी उपस्थित रहे।

