
पालमपुर – बर्फू
बस की चेकिंग के दौरान एक सवारी के पास टिकट न होने पर केस बनने से घबराकर हिमाचल पथ परिवहन निगम का परिचालक बेहोश हो गया। बाद में अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार परिचालक राकेश कुमार बुधवार सुबह परिवहन निगम के बैजनाथ-आशापुरी रूट पर जा रहा था। पंचरुखी के समीप निरीक्षक ने बस को चेकिंग के लिए रोका। इस दौरान एक सवारी के पास टिकट नहीं थी। इस पर निरीक्षक और परिचालक में हल्की कहासुनी हुई तथा निरीक्षक ने केस बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया। करीब पौना घंटा पंचरुखी में रुकने के बाद चालक और परिचालक सवारियों को लेकर आशापुरी की ओर चले पड़े।
आशापुरी पहुंचने के कुछ ही समय बाद परिचालक बेहोश हो गया। इसके बाद आनन फानन में परिचालक को निकटवर्ती स्वास्थ्य उपकेंद्र मल्ली में जांच के लिए पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद राकेश कुमार को सिविल अस्पताल पालमपुर रेफर कर दिया। इस बाबत सूचना मिलते ही आरएम पालमपुर उत्तम चंद भी सहयोगियों के साथ आशापुरी की ओर निकल गए।
इसके कुछ ही देर बाद धर्मशाला में किसी बैठक में गए आरएम बैजनाथ नितेश कुमार शर्मा ने भी रास्ते में बस में बेहोश परिचालक का कुशलक्षेम पूछा व साथ चल पड़े। सिविल अस्पताल पालमपुर में जांच के दौरान डाक्टरों ने बताया कि परिचालक ने सुबह से कुछ नहीं खाया था। ऐसे में उसे हल्की दिक्कत आई थी। चिकित्सकों ने इलाज के बाद परिचालक को घर भेज दिया है।
आरएम पालमपुर उत्तम चंद ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का पहला मकसद परिचालक की जान बचाना था और इसमें कामयाब हुए हैं। आरएम बैजनाथ नितेश शर्मा ने बताया कि बस को जांच के लिए पंचरुखी में रोका था तथा परिचालक के खिलाफ मामला बनाया है। जांच करना अधिकारियों का कर्तव्य है। ऐसे में कर्मचारियों को हताश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि इसमें निरीक्षक स्टाफ ने भी परिचालक को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग दिया है।
