पॉलिटेक्निक कांगड़ा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कैंप का हुआ आयोजन
17 अप्रैल, कांगड़ा – राजीव जसवाल
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) मिथक-निवारण एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 17 अप्रैल 2026 को कांगड़ा पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया गया।
यह कार्यक्रम संतोष कुमार सिंह, उप महानिदेशक (अनुपालन), दूरसंचार विभाग हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र के मार्गदर्शन में तथा राजिंदर बरवाल, प्राचार्य, पॉलिटेक्निक कॉलेज कांगड़ा के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन नीरज ,सहायक महानिदेशक (अनुपालन), दूरसंचार विभाग हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर बीएसएनएल के एजीएम, विपिन कुमार भी उपस्थित रहे।
कांगड़ा पॉलिटेक्निक कॉलेज को इस कार्यक्रम के लिए चुना गया, क्योंकि यह संस्थान क्षेत्र के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक है, जो गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

यहाँ के विद्यार्थी तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ नवाचार एवं व्यावहारिक ज्ञान के प्रति सजग हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में कार्यक्रम आयोजित करने से EMF एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुँचाई जा सकती है।
तथा युवा शक्ति में जागरूकता का व्यापक प्रसार सुनिश्चित होता है। ऐसे तकनीकी संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने से भविष्य के पेशेवरों में सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।
इस पहल का उद्देश्य टेलीकॉम टावरों से संबंधित EMF विकिरण के बारे में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करना तथा भारत सरकार की नागरिक-केंद्रित पहल संचार साथी को रेखांकित करना था।
प्रतिभागियों को EMF एक्सपोज़र से संबंधित तथ्यों से अवगत कराया गया तथा टेलीकॉम अवसंरचना में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों के बारे में आश्वस्त किया गया।
सत्र में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया। कंप्यूटर साइंस एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों एवं स्टाफ को प्रचलित साइबर खतरों के बारे में संवेदनशील बनाया गया तथा डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सावधानियों (Do’s and Don’ts) की जानकारी दी गई।
इस सत्र में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार एवं साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी तथा EMF से संबंधित विषयों की बेहतर समझ विकसित हुई।

