
रैत – अंशुल दिक्षित
जिला कांगड़ा में शाहपुर के नेरटी में स्थित गढ़ माता मंदिर में भी इस बार दो साल के अंतराल के बाद मां के दरबार में रौनक लौट रही है। 21 मई से मंदिर में शतचंडी यज्ञ शुरू हो रहा है। इसी दिन सुबह जलयात्रा निकाली जाएगी।
गढ़ माता मंदिर में दो साल कोरोना महामारी और लाकडाउन सहित अन्य बंदिशों के कारण सामाजिक व धार्मिक आयोजनों पर भी पाबंदी लगा दी गई थी।
दो साल के बाद अब करोना महामारी के थमने से फिर से कार्यक्रम होने लगे हैं। जिला कांगड़ा में शाहपुर के नेरटी में स्थित गढ़ माता मंदिर में भी इस बार दो वर्ष के अंतराल के बाद मां के दरबार में रौनक लौट रही है। 21 मई से मंदिर में शतचंडी यज्ञ शुरू हो रहा है। इसी दिन सुबह जलयात्रा निकाली जाएगी।
इसमें गांव व आसपास के क्षेत्र की महिलाएं शामिल होंगी व पानी के स्रोतों से जल भरकर कलश मंदिर में स्थापित करेंगी। इसके बाद जन कल्याण और विश्व शांति के लिए शतचंडी महायज्ञ शुरू होगा।
इसके अलावा इस बार रूद्राभिषेक का आयोजन भी किया जा रहा है। इस पूजा की प्रक्रिया में कोई भी शामिल हो सकता है। इस संबंध में मंदिर कमेटी से संपर्क किया जा सकता है।
21 से 29 मई तक नौ दिन शतचंडी महायज्ञ चलेगा। 29 मई रविवार को सुबह पूर्ण आहुति डाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे से देर शाम तक विशाल भंडारे का संचालन किया जाएगा, जिसमें हर वर्ष हजारों लोग माता का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
गढ़ माता मंदिर कमेटी के प्रधान सतीश पठानिया, सचिव राजिंद्र शर्मा व मुख्य सलाहकार संजीव बलौरिया ने बताया कि रात को मंदिर में भगवती जागरण का आयोजन किया जाएगा। इसमें नामी कलाकार मां की महिमा का गुणगान करेंगे।
शतचंडी महायज्ञ में इस बार 11 पंडित बैठेंगे व लगातार पाठ करेंगे। शतचंडी यज्ञ व रूद्राभिषेक में शामिल होने के संबंध में अधिक जानकारी के लिए 9418364095, 9816272777, 9832535652 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
