
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को छोड़कर अन्य मेडिकल कॉलेजों, जोनल अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह प्रयोगशाला स्थापित होगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से यह कंपनी मरीजों के सैंपल उठाएगी, उनकी जांच नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराएगी। शाम तक कंपनी के कर्मचारी रिपोर्ट डॉक्टर को देंगे। अस्पतालों में लैब स्थापित करने पर यह कंपनी प्रदेश सरकार को बिजली और पानी के बिल के साथ 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पैसा भी देगी।
यह टेस्ट होंगे निशुल्क
अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, ईसीजी, किडनी, लीवर, शुगर आदि से लेकर खून की जांच से संबंधित सभी टेस्ट इसमें शामिल है। क्लीनिक पैथोलॉजी में 17, बायो केमिस्ट्री में 20 तरह के टेस्ट फ्र ी होंगे। इनमें ब्लड शुगर, एचबीए, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल आदि के टेस्ट शामिल हैं।
सिरियोलॉजी में 9 तरह के टेस्ट होते हैं। इनमें एचआईवी, डेंगू, मलेरिया आदि के टेस्ट शामिल हैं। माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी में ब्लड कल्चर, यूरिन कल्चर, यूरिन एनालिसिस में यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट, यूरिन माइक्रोस्कोपी, स्टूल एनालिसिस में 1 टेस्ट, रेडियोलॉजी में एक्सरे और कार्डियोलॉजी में ईसीजी निशुल्क होगा।
