हिमखबर डेस्क
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष ने चार जिलों के नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों की एक अहम बैठक बुलाई धर्मशाला में बुलाई थी। इस बैठक में 30 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि ब्लॉक अध्यक्ष संगठन की रीढ़ होते हैं, जिनके माध्यम से पार्टी सीधे जनता तक पहुंचती है इसलिए आगामी चुनावों को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। पार्टी जल्द ही जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं और नाराजगी के कारणों को समझेगी। उसी आधार पर मुद्दों को तय किया जाएगा।

निकाय चुनाव के लिए कमेटी का गठन
निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया को लेकर भी मंथन हुआ। रजनी पाटिल ने कहा कि ‘इसके लिए एक समिति गठित की गई है, जो विभिन्न स्तरों पर फीडबैक लेकर प्रदेश नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेगी। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि महिलाओं को प्राथमिकता देने की नीति को आगे भी जारी रखा जाएगा।
लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने का अधिकार है और पार्टी इन सवालों का जवाब देने के लिए जनता के बीच जाएगी। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा। अंत में प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि पार्टी एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी और संगठन को और अधिक मजबूत बनाते हुए जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करेगी।
हिमाचल जैसे लैंडलॉक राज्य को केंद्र सरकार से पर्याप्त सहयोग की आवश्यकता होती है, लेकिन केंद्र ने 10 हजार करोड़ की आर्थिक मदद रोक कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को खराब किया है। हम डेढ़ साल में इससे बाहर निकलने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही हम महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादे को पूरा करने वाले हैं। जनजातीय क्षेत्रों में हमने इसे शुरू किया है, जल्द ही इसे अन्य जगहों पर शुरू किया जाएगा।

