गलत आय विवरण देकर बनवाया ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, सरकारी नौकरी की हासिल; अब केस दर्ज

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हिमखबर डेस्क

गलत आय विवरण प्रस्तुत कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र प्राप्त करने और उसी के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में भराड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया है।

सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बिलासपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में इस तरह के प्रमाण पत्रों की सत्यता और उनके दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार भराड़ी क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने अपनी वास्तविक आय से कम आय दर्शाते हुए ऑनलाइन माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन के साथ प्रस्तुत किया गया आय प्रमाण पत्र वास्तविक तथ्यों के अनुरूप नहीं था और गलत आय विवरण के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया।

इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने उक्त प्रमाण पत्र का उपयोग करते हुए टीजीटी पद पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। मामले की जांच सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बिलासपुर की ओर से की गई।

ब्यूरो ने विभिन्न दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के उपरांत अपनी रिपोर्ट तैयार कर आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को भेज दी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से यह मामला आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए भराड़ी थाना भेजा गया, जिसके बाद थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान आय संबंधी दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों का परीक्षण किया गया। वास्तविक आय जो थी उसको कम दर्शाया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण और सुविधाओं का लाभ प्राप्त किया गया।

इस प्रकार गलत जानकारी देकर प्रमाण पत्र हासिल करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे उन वास्तविक पात्र लोगों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं, जो ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अंतर्गत सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ के हकदार हैं। इस मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामले की विस्तृत जांच की थी।

अब भराड़ी थाना पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने के बाद संबंधित दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक घुमारवीं विशाल वर्मा ने कहा कि इस संदर्भ में मामला दर्ज किया गया है।

आरोपी का पक्ष

जिस व्यक्ति पर मामला दर्ज हुआ है उसने सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के 15 दिन बाद छोड़ दी थी। उन्होंने बताया कि जिस समय ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाया था उस समय वह अपने पिता से अलग थे। परिवार रजिस्टर, राशनकार्ड सहित अन्य दस्तावेज अलग बने हुए थे।

व्यक्ति ने बताया कि उन्हें दो वर्ष पहले टीजीटी की नौकरी मिली थी। नौकरी मिलने के बाद सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की जांच करवाई थी। उस समय जांच के दौरान उनके पिता की आय को भी उनके साथ जोड़ दिया गया था।

जब पिता की आय उनके साथ जोड़ दी गई तो उन्हें खुद महसूस हुआ कि इस प्रकार तो आय ज्यादा बन रही है, जिस कारण उन्होंने स्वयं ही ज्वाइन करने के 15 दिन बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।

इन लोगों का ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र नहीं बन सकता

  • एससी (अनुसूचित जाति), एसटी (अनुसूचित जनजाति) और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण का लाभ लेने वाले व्यक्ति।
  • जिनके परिवार की वार्षिक सकल आय 8 लाख रुपये से अधिक हो।
  • जिनके पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि हो।
  • जिनके पास 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक का आवासीय फ्लैट हो।
  • अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट हो।
  • गैर-अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 200 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट हो।

परिवार में किसकी आय जोड़ी जाती है?

आवेदक, माता-पिता, अविवाहित भाई-बहन (18 वर्ष से कम) और पति/पत्नी तथा अविवाहित बच्चों की आय और संपत्ति को मिलाकर गणना की जाती है।

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