‘बेटा तो नहीं लौटेगा पर अंतिम झलक तो मिले’, आदित्य के पिता का ओमान में पोस्टमार्टम से इन्कार; समुंद्र से बाहर लाई देह

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हिमखबर डेस्क

ओमान तट पर मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल के गलोड़ निवासी नाविक आदित्य शर्मा की पार्थिव देह आखिरकार समुद्र में खड़े जहाज से बाहर निकाल ली गई है। हालांकि, उनके स्वदेश लौटने का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। पोस्टमार्टम की जटिल कानूनी प्रक्रिया और उसमें लगने वाले अतिरिक्त समय को देखते हुए परिवार ने ओमान में पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, ओमान प्रशासन की ओर से भारतीय दूतावास के माध्यम से परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए सहमति पत्र भेजा गया था। परिवार ने स्पष्ट किया कि यदि वहां पोस्टमार्टम करवाया जाता है तो पहले स्थानीय पुलिस में मामला दर्ज होगा, उसके बाद समुद्र में जाकर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही वहां पोस्टमार्टम संभव हो सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब दस दिन या उससे अधिक समय लगने की संभावना है।

बेटा तो नहीं लौटेगा पर अंतिम झलक तो मिले

परिजनों ने निर्णय लिया है कि आदित्य की पार्थिव देह को भारत लाया जाए और यहीं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए। पिता राजेश कुमार शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि अब उनका बेटा वापस तो नहीं आएगा, लेकिन परिवार उसकी एक अंतिम झलक पाने के लिए व्याकुल है।

आंखों के आंसू भी सूख चुके

आदित्य के पिता ने कहा कि कई दिनों से इंतजार करते-करते आंखों के आंसू भी सूख चुके हैं। घर में मातम पसरा हुआ है। दादी शकुंतला देवी और माता सुषमा शर्मा लगातार बेटे के अंतिम दर्शन की राह देख रही हैं। परिवार का हर सदस्य चाहता है कि जल्द से जल्द आदित्य की पार्थिव देह स्वदेश पहुंचे, ताकि पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।

समाजसेवी संजय पराशर भी संपर्क में

इस बीच देहरा के समाजसेवी संजय पराशर ने भी परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। पिता ने बताया कि संजय पराशर लगातार संपर्क में हैं और विदेश में चल रही औपचारिकताओं तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी देकर परिवार का मार्गदर्शन कर रहे हैं। संजय का शिपिंग का कारोबार है।

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