हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों के विलय को लेकर अपने पहले के फैसले में बदलाव किया है। फरवरी 2026 में जारी अधिसूचना के तहत कांगड़ा और मंडी जिलों के चार स्थानों नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा में लड़कियों और लड़कों के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मिलाकर एक-एक सहशिक्षा स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया था।
इसके तहत नूरपुर में पीएम श्री बख्शी टेक चंद गवर्नमेंट मॉडल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बॉयज़, धर्मशाला में पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी (बॉयज़) स्कूल, सरकाघाट में पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी (गर्ल्स) स्कूल, तथा देहरा में पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और गवर्नमेंट (गर्ल्स) सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मिलाया जाना था।

अब क्या बदला
अब सरकार ने इस फैसले को वापस लेते हुए इन सभी स्कूलों के विलय को रद्द कर दिया है। नई अधिसूचना के मुताबिक, ये सभी स्कूल अपने-अपने नाम और पहचान के साथ अलग-अलग ही संचालित होंगे। हालांकि एक अहम बदलाव यह किया गया है कि सभी स्कूल अब सहशिक्षा के रूप में चलेंगे, यानी इनमें लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ सकेंगे।
नई व्यवस्था कैसे होगी लागू
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर स्थान पर एक स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध होगा, जबकि दूसरा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़ा रहेगा। राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूल को हाई स्कूल के रूप में चलाया जाएगा, जबकि CBSE से जुड़ा स्कूल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के रूप में काम करेगा। यानी एक ही क्षेत्र में दो अलग-अलग बोर्ड के स्कूल समानांतर रूप से संचालित होंगे।
कौन करेगा अंतिम फैसला
स्कूलों के भवन और संसाधनों के उपयोग को लेकर अंतिम निर्णय स्कूल शिक्षा निदेशक करेंगे। वे यह तय करेंगे कि किस परिसर में CBSE से संबद्ध स्कूल चलेगा और किसमें राज्य बोर्ड से जुड़ा स्कूल। इसके लिए भवन की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। यह आदेश शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी किया गया है।

