
बिलासपुर, सुभाष चंदेल
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र के 7 गांव जिनमें प्रवेश नहीं कर पाया करोना, 2 गज की दूरी और मास्क है जरूरी ,सरकार के इसी स्लोगन का पालन कर रहे हैं ये गांववासी।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र की मरहाणा पंचायत जिसके सात गांव में कोरोना बेअसर दिखाई दिया दूसरी लहर में एक भी मामला पोस्टिंब नहीं आया।
वहीं सात गांव मरोट, भटवाड़ा, छडोह, बाडमी, बग, नरलोग, बरंगड में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एक भी मामला पॉजिटिव नहीं आया है
हम बात कर रहे हैं देवभूमि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के मरहाणा पंचायत की जिसके सात गांव में कोरोना बेअसर दिखाई दिया है. आपको बता दें कि घुमारवीं विधासभा क्षेत्र के अंतर्गत मरहाणा पंचायत में 09 वार्ड में 35 गांव शामिल है जिसके 28 गांव में 55 मामले कोरोना पॉजिटिव आये थे जिसमें अब केवल 05 एक्टिव केसे बचे है।
वहीं सात गांव मरोट, भटवाड़ा, छडोह, बाडमी, बग, नरलोग, बरंगड में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एक भी मामला पॉजिटिव नहीं आया है जबकि नरलोग व मरोट गांव में कोरोना की किसी भी लहर का असर दिखाई नहीं दिया और बीते सवा साल से अबतक एक भी मामला कोरोना पॉजिटिव नहीं आया।
वहीं इन गांव का कोरोना की लहर से दूर रहने का मुख्य कारण पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करना है तो साथ ही गांव के लोगों द्वारा सरकार द्वारा जारी आदेशो का पालन करते हुए घरों में रहना, मास्क पहनकर ही जरूरी काम से बाहर जाना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है।
वहीं मरहाणा पंचायत प्रधान जगत सिंह का कहना है कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी दस्तक से पहले ही गांव को सेनेटाइज करने व बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना रिपोर्ट नेगटिव के बाद ही प्रवेश के साथ 10 दिनों तक होम आइसोलेट करने के बाद पुनः कोरोना रिपोर्ट नेगटिव आने पर ही लोगों से मिलने जैसे कदम उठाए गए ।जिससे कोरोना संक्रमण के फैलने की संभावना ना के बराबर थी
वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने भी सात गांव में एक भी पॉजिटिव मामला ना आने पर खुशी जाहिर करते हुए आगे भी कोविड नियमों का पालन करने की बात कही है।
