
बिलासपुर, सुभाष चंदेल
प्रदेश सरकार द्वारा डिपुओं के माध्यम से दिए जाने वाले सस्ते आटे पर एक बार फिर सवाले उठे हैं। अब जिला बिलासपुर के नयना देवी उपमंडल के चंगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत तरसूह से डिपो से मिले खराब आटे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आटे की बोरी सील बंद है, लेकिन एक जगह से फटी हुई है,
जहां से आटे के पक्के गोले निकल रहे है जैसे मानों बोरी में सीमेंट भरा हुआ हो और काले कीड़े भी साथ में निकल रहे है। आटा इतना खराब है कि इसे मवेशियों को भी नहीं दिया जा सकता। इस वीडियो को ग्राम पंचायत तरसूह के समाजसेवी कमल देव कौशल ने जारी किया है, जिन्होंने सस्ते राशन के डिपो से इस आटे की बोरी को लिया है।
कमल देव ने वायरल वीडियो में कहा है कि सरकार इस कोरोना काल में गरीबों को राहत देने के लिए सस्ता राशन दे रही है, लेकिन सस्ते राशन के रूप में कंपनियां गरीब जनता को क्या परोस रही है, इस पर शायद ही कोई नजर रख रहा है। कमल देव ने सस्ते राशन के डिपो से एक बोरी आटे की ली हालांकि आटे की बोरी पूरी तरह से सील बंद थी, लेकिन बोरी में एक तरफ छेद था जब छेद से आटा निकाला तो उसमें आटे की जगह आटे के गोले बाहर निकले ऐसे लग रहा था जैसे बोरी में सीमेंट भरा हो।
यही नहीं, इस आटे के ऊपर काले रंग के कीड़े भी चल रहे हैं। यह गरीब जनता की सेहत के साथ सरासर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विभाग के मंत्री और अन्य अधिकारियों को समय-समय पर जो कंपनियां समान दे रही है उनकी चैकिंग करनी चाहिए।
