चार साल बाद भी नूरपुर फोरलेन अधूरा धूल-मिट्टी और जाम से जूझ रहे लोग

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828 करोड़ रुपए की परियोजना अधर में, तय समय से दो साल बाद भी नहीं पूरा हुआ फोरलेन

नूरपुर – स्वर्ण राणा

लोगों को बेहतर सुगम सडक़ सुविधा देने के लिए फोरलेन के पहले चरण में उपमंडल नूरपुर के तहत कंडवाल से लेकर भेडखड्ड तक लगभग 28 किलोमीटर लंबा फोरलेन शासक मार्ग बन रहा है, जिस पर लगभग 828 करोड़ रुपए खर्च होने है।

महत्त्वाकांक्षी फोरलेन सडक़ मार्ग अपने पूर्ण होने के निर्धारित लक्ष्य के बाद भी अधूरा है, जिससे लोगों को अभी तक बेहतर फोरलेन सडक़ सुविधा नहीं मिल पाई है।

इस फोरलेन सडक़ का निर्माण कार्य मई 2022 में शुरू हुआ था और एनएचएआई ने इसे दो वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जिसे मई 2024 में पूरा होना था, परंतु विभागीय सुस्त रफ्तार के कारण यह अपने निर्धारित लक्ष्य से भी दो वर्ष दो माह बाद भी इसका निर्माण कार्य अधूरा है।

कुल मिलाकर अभी तक इसका निर्माण कार्य शुरू हुए चार साल दो माह पूर्ण हो चुके है और यह महत्त्वपूर्ण फोरलेन सडक़ मार्ग अभी भी अधूरा है। इसके तहत हिमाचल के प्रवेश द्वार माने जाने वाले कंडवाल के चक्की पुल के पास सडक़ का निर्माणकार्य चला है जिस कारण लोगों को हिमाचल में प्रवेश करते ही धूल-मिट्टी का सामना करना पड़ता है।

इसके अतिरिक्त नागाबाड़ी में भी कछुआ गति से चला कार्य भी ट्रैफिक प्रणाली को प्रभावित करता है। जसूर के फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण भी यहां कई बार जाम लग जाता है, जिससे लोग परेशान होते है, वहीं यहां का व्यापार भी प्रभावित होता है।

इसके अतिरिक्त जाच्छ, बौड़, खुशीनगर, वृंदावन, नागिनी, भड़वार, खज्जियां, टटल, भेडखड्ड से पहले विभिन्न स्थानों पर निर्माण कार्य सुस्त गति के कारण सडक़ मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा रहता है।

लोगों ने केंद्र सरकार से इस फोरलेन सडक़ परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि इस फोरलेन सडक़ मार्ग का लोगों को लाभ मिल सके।

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