बिना नंबर की गाड़ी में हो रही थी खैर की तस्करी, ग्रामीणों ने वन माफिया के मंसूबों पर ऐसे फेरा पानी

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हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के भदरोया (इंदौरा) वन परिक्षेत्र में वन माफिया के हौसले भले ही बुलंद हों, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। वन परिक्षेत्र के तहत आने वाले टूटा तालाब-झंडू कूट क्षेत्र में ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध खैर की लकड़ी से लदी एक बिना नंबर की पिकअप गाड़ी को पकड़ा है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को जैसे ही इस बिना नंबर की संदिग्ध गाड़ी में खैर की लकड़ी ले जाए जाने की भनक लगी, उन्होंने तुरंत इसकी घेराबंदी कर ली। इसके बाद लोगों ने फौरन वन विभाग और स्थानीय मीडिया को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में लेकर वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

हैरान करने वाली बात यह है कि भदरोया वन परिक्षेत्र में अवैध खैर कटान और तस्करी से जुड़ी यह लगातार तीसरी बरामदगी है। बार-बार लकड़ियों से लदे वाहन पकड़े जाने के बाद अब स्थानीय लोगों ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस क्षेत्र में खैर तस्करी का एक संगठित और बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग द्वारा केवल गाड़ियां पकड़ने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर अवैध कटान के इस पूरे नेटवर्क और इसके असली सरगनाओं (किंगपिन) तक पहुंचकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

वन परिक्षेत्र अधिकारी भदरोया अब्दुल हमीद के बोल

इस पूरे मामले पर वन परिक्षेत्र अधिकारी भदरोया (इंदौरा) अब्दुल हमीद ने जानकारी देते हुए बताया कि खैर से लदी एक बिना नंबर की पिकअप गाड़ी को विभाग ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी टीम के साथ मौके पर ही मौजूद हूं और गाड़ी पकड़े जाने के बाद आसपास के जंगलों में भी सघन छानबीन की जा रही है। विभाग क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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