हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आईवियर कंपनी Lenskart को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित दस्तावेज़ में कार्यस्थल पर बिंदी और तिलक को अस्वीकार करने, जबकि हिजाब की अनुमति देने का दावा किया गया है।
इस दावे के सामने आने के बाद लोगों में नाराज़गी बढ़ गई और मामला तूल पकड़ता चला गया। विवाद बढ़ने पर कंपनी के संस्थापक और सीईओ पीयूष बंसल ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दस्तावेज़ “गलत और भ्रामक” है तथा यह कंपनी की वर्तमान नीतियों को नहीं दर्शाता।
कंपनी ने भी अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि वह सभी धर्मों और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का सम्मान करती है और किसी भी प्रकार का भेदभाव उसकी नीति का हिस्सा नहीं है।

इधर, इस मुद्दे को लेकर शिमला में कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शहर में स्थित Lenskart स्टोर के बाहर नारेबाज़ी की और कर्मचारियों को तिलक व कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी संगठनों ने आरोप लगाया कि “कॉर्पोरेट जिहाद” के माध्यम से हिंदू भावनाओं को आहत किया जा रहा है और कंपनियां निवेश या अन्य दबावों के चलते पक्षपातपूर्ण नीतियां अपना रही हैं।
हालांकि, कंपनी लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि विवादित दस्तावेज़ उसकी आधिकारिक नीति का हिस्सा नहीं है और सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अब देखना होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और क्या इस पर कोई ठोस समाधान निकल पाता है।

