हिमख़बर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कई प्रशासनिक पदों पर सेवारत रहे जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र के एचएएस बेटे नारायण चौहान अब केंद्र सरकार में आगामी 5 साल तक सेवाएं देंगे।
गिरीपार क्षेत्र से संबंध रखने वाले एचएएस अधिकारी नारायण चौहान की उपलब्धि से केवल सिरमौर जिला के अड़ाई हाटी समुदाय के लोगों में खुशी की लहर है अपितू समूचा जिला सिरमौर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
वर्ष 2022 बैच के एचएएस अधिकारी नारायण चौहान की प्रतिनियुक्ति केंद्र सरकार के अधीन पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) में हुई है।
नारायण चौहान शनिवार को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला के निचार एसडीएम के पद से रिलीव हो गए हैं। अब वह एक से दो दिनों के भीतर दिल्ली में पोर्ट एडमिनिस्ट्रेरेटर के रूप में जॉइन करेंगे।
नारायण चौहान की यह नियुक्ति उनके राजस्व व प्रशाशनिक सेवा के लंबे अनुभव के आधार पर मिली है। केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर के तहत होने वाली इस प्रतिनियुक्ति के दौरान देश की प्रमुख बंदरगाहों के प्रशाशनिक कार्य उनके अधीन रहेंगे।
उनकी नियुक्ति पांच वर्ष अथवा सेवानिवृत्ति तक की गई है। उन्हें 10 जून 2026 तक नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मूल रूप से गिरिपार के बनौर गांव से ताल्लुक रखने वाले नारायण सिंह चौहान प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
चूड़ेश्वर धाम (श्री चूड़धार) के विकास एवं प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बताया जाता है कि वह पिछले करीब दो दशकों से चूड़ेश्वर देवता की सेवा और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं तथा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं।
नारायण चौहान बतौर एसडीएम कुपवी, चौपाल कसौली व निचार में सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह सिरमौर जिला में दो साल तक जिला राजस्व अधिकारी के अलावा तहसीलदार नाहन, उना, सोलन, बद्दी, कसौली, अर्की, नगरोटा बगवां के अलावा रिकवरी कैलेक्टर के रूप में शिमला व एससी एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सोलन में सेवाएं दे चुके हैं।
हिमाचल सरकार के आला प्रशासनिक अधिकारियों में शुमार नारायण चौहान के बचपन की यदि बात करें तो उनके माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था।
जिसके बाद नारायण चौहान ने अपनी कड़ी मेहनत व अपने लक्ष्य के आधार पर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा जैसे उच्च पद पर पहुंच कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अब नारायण चौहान केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर के अधीन बतौर बंदरगाह प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे।
शैक्षिक रूप से मैकेनिकल इंजीनियर नारायण चौहान ने लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट लखनऊ से एमबीए तथा गढ़वाल यूनिवर्सिटी उत्तराखंड से हिस्ट्री व इकोनॉमिक्स में एमए की पढ़ाई की है।
उन्होंने वर्ष 1998 में हिमाचल प्रशासनिक सेवा की एलाइड परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2011 से 2020 तक उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बतौर तहसीलदार कार्य किया।
जुलाई 2020 से अगस्त 2022 तक नारायण चौहान ने बतौर डीआरओ सिरमौर कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान सिरमौर में सराहनीय कार्य किया।
इसके अलावा वह वर्ष 2022 में हिमाचल प्रशासनिक सेवा अधिकारी के कैडर में शामिल हुए। पिछले 2 सालों से नारायण चौहान किन्नौर जिला के निचार में बतौर एसडीएम सेवाएं दे रहे हैं।
नारायण चौहान प्रदेश सरकार के स्टेट लेबर मास्टर ट्रेनर के रूप में भी विख्यात है। फॉरेस्ट राइट एक्ट 2006, आरटीआई 2005, इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम डिजास्टर मैनेजमेंट, इलेक्ट्रो लिटरेसी व रेवेन्यू लॉ में नारायण चौहान के महारत हासिल है।

