शिमला पहुंचे JOA (IT) 817 के कर्मचारी, मुख्यमंत्री के सामने रखी ऐसी मांग…सरकार को भी करना पड़ेगा विचार

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क 

लंबे कानूनी संघर्ष के बाद नौकरी पाने वाले कनिष्ठ कार्यालय सहायक (JOA (IT)) पोस्ट कोड 817 के कर्मचारियों की मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

नियमितीकरण की अवधि में आ रही विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को इन कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ओकओवर में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की।

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पूरे बैच को एकमुश्त छूट देकर एक साथ नियमित करने की गुहार लगाई है।

ज्वाइनिंग में 1 महीने का अंतर, नियमितीकरण में 6 माह का नुक्सान

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि (JOA (IT)) 817 की भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2020 में शुरू हुई थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण इसका परिणाम अगस्त 2024 में जाकर घोषित हुआ।

परिणाम आने के बाद विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी गईं, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों को सितम्बर, 2024 में ज्वाइनिंग मिली, जबकि कई अन्य को प्रशासनिक कारणों से अक्तूबर 2024 में ज्वाइनिंग दी गई।

सरकारी नियमों के अनुसार सितम्बर में नियुक्त कर्मचारी अक्तूबर, 2026 में नियमित हो जाएंगे, जबकि महज कुछ दिन बाद (अक्तूबर में) ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए अप्रैल, 2027 तक का इंतजार करना पड़ेगा। इससे एक ही बैच के कर्मचारियों के बीच वरिष्ठता और वेतन लाभ में 6 महीने का भारी अंतर आ जाएगा।

कर्मचारी बोले-जब परीक्षा एक, तो लाभ अलग-अलग क्यों?

प्रतिनिधिमंडल ने अपना तर्क रखते हुए कहा कि पोस्ट कोड 817 के सभी अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया, परीक्षा और परिणाम घोषित होने की तिथि बिल्कुल एक समान है, ऐसे में केवल विभागीय लेटलतीफी के कारण ज्वाइनिंग में हुए अंतर का खमियाजा कर्मचारियों को क्यों भुगतना पड़े?

सीएम से की एकमुश्त छूट देने की अपील

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया है कि पिछले 4 साल के लंबे इंतजार और मानसिक तनाव को देखते हुए इस पूरे बैच को एकमुश्त छूट प्रदान की जाए। ताकि सितम्बर और अक्तूबर दोनों महीनों में जॉइन करने वाले सभी कर्मचारियों को एक साथ नियमित किया जा सके और किसी के भी सेवा लाभ प्रभावित न हों।

सीएम सुक्खू ने दिया समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल की समस्या को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कर्मचारियों के लंबे संघर्ष और उनकी भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता जताते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

उन्होंने आश्वस्त किया कि नियमों के दायरे में रहकर कर्मचारियों के हित में उचित समाधान निकालने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे (JOA (IT)) 817 के कर्मचारी बड़ी संख्या में ओकओवर में मौजूद रहे।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल में 2 करोड़ की हेराफेरी, मनरेगा के सोशल ऑडिट में सामने आई बड़ी गड़बड़

हिमखबर डेस्क  केंद्र ने बेशक मनरेगा की जगह वीबी जी...

10 हजार हिमाचली युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण देकर बनाया जाएगा कुशल, स्टाइपेंड भी मिलेगा

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश में उद्योग स्थापित करने तथा स्टार्टअप...