नूरपुर – स्वर्ण राणा
पहलगाम हमले के बाद हिमाचल प्रदेश में कश्मीरी छात्रों पर हमले की फर्जी खबरें तैर रही हैं। कश्मीर के कुछ ट्वीटर हैंडल के जरिये ये खबरें फैलाई गई हैं और अब हिमाचल पुलिस ने भी इन खबरों का खंडन किया है। हिमाचल में किसी भी कश्मीर छात्र या लोगों को टारगेट नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, कश्मीर में जेएंडके स्टूडेंट एसोशिएश के नेशनल कन्वीनर नासीर खुआमी ने लिखा कि स्थिति गंभीर और चिंताजनक होती जा रही है। हमें हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के अरनी विश्वविद्यालय, काठगढ़ (इंदौरा) से कश्मीरी छात्रों के घबराए हुए कॉल प्राप्त हो रहे हैं।

इन छात्रों को दक्षिणपंथी और कट्टरपंथी तत्वों द्वारा परेशान, गाली-गलौज और शारीरिक हमले का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्टल के दरवाजे जबरदस्ती तोड़े जा रहे हैं, और छात्रों को धमकाया जा रहा है, उन्हें ‘आतंकवादी’ कहकर डराया जा रहा है और हिंसा के तहत उनके आवास खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
हालांकि, अब तक इस तरह की बात सामने नहीं आई है। ना ही छात्रों या कॉलेज प्रबंधन की तरफ से पुलिस को शिकायत दी गई है।
एडिशनल एसपी धर्म चंद वर्मा के बोल
नुरपुर के एडिशनल एसपी धर्म चंद वर्मा ने बताया कि कश्मीरी छात्रों पर हमले की कोई भी घटना सामने नहीं आई है। जब उनसे पूछा गया कि बीते 24 घंटे में क्या कुछ ऐसा हुआ है तो उन्होंने दोबारा पड़ताल की और बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है और माहौल पूरी तरह से शांत है।

