आउटसोर्स पर स्कूलों में दस हजार रुपए भी पूरे नहीं मिलेंगे, भर्ती को मिली है मंजूरी।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल के 6297 सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी टीचर्स की भर्ती करने की अनुमति गत मंगलवार को कैबिनेट ने दे दी है। ये पद आउटसोर्स पर भरे जाएंगे और कैबिनेट ने ही हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन को यह मैनपॉवर उपलब्ध करवाने को कहा है।
यह भर्ती एनसीटीई द्वारा तय किए गए नॉम्र्स के हिसाब से होगी। इन नॉम्र्स के हिसाब से आंगनबाड़ी वर्कर भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन आंगनबाड़ी के लिए ये पद फायदे का सौदा नहीं हैं। इसकी वजह इनका वेतन और भर्ती का तरीका है।
राज्य सरकार वर्तमान में 6297 स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं चला रही हैं। इतने ही स्कूलों में प्रति स्कूल एक टीचर के हिसाब से प्री-नर्सरी टीचर रखे जाएंगे। इनकी भर्ती भारत सरकार से मिले पैसे से होगी और प्रति टीचर 10000 रुपए का बजट रखा गया है।
यदि आउटसोर्स की एजेंसी के माध्यम से ये भर्तियां हो रही हैं, तो एजेंसी की फीस भी अलग से जाएगी। इसलिए अभी आशंका यह है कि पूरे 10000 रुपए भी इन प्री-नर्सरी टीचर्स को नहीं मिल पाएंगे।
दूसरी तरफ आंगनबाड़ी वर्कर आउटसोर्स की भर्ती पूरी तरह नहीं है। आउटसोर्स कार्यकर्ताओं को अब 10000 के आसपास वेतन खुद ही मिलता है। साथ ही सुपरवाइजर के लिए प्रोमोशन के चैनल भी है।
ऐसे में आंगनबाड़ी प्री-नर्सरी टीचिंग के लिए आएंगे, इसकी उम्मीद कम है। कैबिनेट में हुए फैसले के अनुसार इसकी रिक्विजिशन जल्द इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन को भेज दी जाएगी। फिर जिलावार लिस्ट बनेगी। अभी दो साल के एनटीटी डिप्लोमा को ही मान्य रखा गया है।
स्पेशल एजुकेटर की भर्ती को मिली सहमति
शिक्षा विभाग को स्पेशल एजुकेटर की भर्ती के लिए भी वित्त विभाग से परमिशन मिल गई है। ये नियुक्तियां सरकारी स्कूलों में होनी हैं। इस बारे में अभी शिक्षा विभाग को कैबिनेट में जाना है और कैबिनेट में जाने से पहले वित्त विभाग से अनुमति मांगी गई थी।
कोर्ट केस में आए फैसले को देखते हुए इसमें अनुमति मिलने की उम्मीद भी है। कैबिनेट में जब केस जाएगा, तभी पता चलेगा कि सरकार कितने पद इसमें भरने जा रही है।

