कोटला – स्वयम
प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के पास गिरी हुई पहाड़ी के चलते दूसरे दिन शाम छः बजे पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुल जाने से वाहन चालकों एवं अन्य राहगीरों ने राहत की सांस ली। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बाबजूद इससे पहले यातायात कोटला -सोहल्दा -त्रिलोकपुर- 32मील सम्पर्क मार्ग से चलता रहा।
यह मार्ग भी तंग होने के चलते इस मार्ग पर जगह जगह पर जाम लगता रहा। हालांकि ट्रक, ट्राले एवं अन्य बड़ी गाड़ियों को कोटला, त्रिलोकपुर एवं 32 मील में ही पिछले दो दिनों से प्रशासन द्वारा रोका गया था।
त्रिलोकपुर में फोरलेन निर्माण कार्य के चलते बाजार बिल्कुल ही उझड गया है, जिससे त्रिलोकपुर में फंसे हुए ट्रक ट्राले आदि के ड्राईवरों को रोटी तो दूर चाय मिलनी भी नसीब नहीं हो पा रही थी।
ट्रक चालकों के बोल
ईंटें लेकर पालमपुर जा रहे करतार चंद का कहना है कि पिछले दो दिनों से त्रिलोकपुर में फंसे हुए हैं। इस स्थान पर रोटी मिलना तो दूर चाय के भी लाले पड़े हुए हैं।
ट्रक चालक राज कुमार का कहना है कि फोरलेन निर्माण कंपनी ने रविवार सुबह 10 बजे इस मार्ग को खोलने बारे कहा था, मगर यह मार्ग शाम 6 बजे यातायात के लिए खुलने से कुछ हद तक राहत महसूस हुई।
पुलिस चौकी प्रभारी कोटला संजीव धामी के बोल
पुलिस चौकी प्रभारी कोटला संजीव धामी ने कहा कि फिलहाल पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि पहाड़ी कटाई का कार्य जारी है।

