खतरे में 2 राज्यों की सीमा पर बसा ये गांव, नहीं रुक रही माइनिंग, सो रही सरकार, उद्योग विभाग के निर्देशों को ठेंगा

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उजड़ रहा खतवाड़ गांव, खेत से लेकर खलियान तक संकट

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

सिरमौर जिला की बनौर पंचायत के खतवाड़ गांव के बीचो-बीच दरारें आ गई है। रिहायशी मकान, पशुशालों व सिंचाई पाइपलाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। लेकिन बावजूद इसके सिरमौर खनन विभाग खदान मालिकों के साथ मिलकर यहां अवैज्ञानिक तरीके से कई बीघा जमीन में अतिक्रमण करके माइनिंग कर रहा।

यह आरोप नाहन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान खतवाड़ गांव के ग्रामीण व समाजसेवी नाथूराम चौहान ने लगाए हैं। ग्रामीणों ने उचित कार्रवाई न होने पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।

पांवटा साहिब विकास खंड की बनौर पंचायत के खतवाड़ गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष उद्योग विभाग के प्रधान सचिव आरडी नाजिम ने गांव में पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने गांव को बर्बाद कर रही जेएसटी तथा बीएसएसआर माइन को 6 महीने तक बंद करने के निर्देश दिए थे।

इसके साथ ही दोनों माइन की खदानों के बाहर फेंके गए मलबे को किसी अन्य स्थान पर जाने के निर्देश दिए गए थे। मगर सिरमौर के खनन अधिकारी ने प्रधान सचिव उद्योग आरडी नाजिम के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए 3 महीने में ही यहां दोबारा से माइनिंग कार्यों को शुरू करवा दिया।

आलम यह है कि इन खदानों में जेलाटीन से भी ब्लास्ट किया जा रहे हैं। वहीं बेकार मलबे को खाई और माइंस के बाहर ही फेंक दिया जाता है। जिससे गांव को खासा नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गत वर्ष हुई भारी बरसात के इस मलबे ने पूरे गांव को बर्बाद कर दिया। जिसमें ग्रामीणों के घर, खेत, जमीन, चरागाह और पानी की कुहल सब कुछ बर्बाद हो गया।

मौके का निरीक्षण पहुंची एक अन्य कमेटी ने भी गांव को रेड जोन में चिन्हित किया था। उसके बावजूद जिला खनन अधिकारियों ने दबाव में आकर खदानों को शुरू करवा दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि अगर एक सप्ताह में इन खदानों को बंद नहीं किया गया, तो मजबूरन डीसी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा।  वहीं, फिर भी समस्या का समाधान नहीं निकला तो  मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर गांव को बचाने की फरियाद करेंगे।

उन्होंने मांग की है कि अविलंब समस्याओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा भविष्य में बचा खुचा हमारा गांव खाले के रास्ते टोंस नदी में समां जाएगा। माइन को हमेशा के लिए बंद किया जाए।

लोकसभा चुनाव का करेंगे बहिष्कार

पांवटा साहिब विकास खंड की बनौर पंचायत के खतवाड़ गांव के ग्रामीणों बताया कि अगर एक सप्ताह में डीसी सिरमौर और जिला खनन अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं निकाला तो मजबूरन ग्रामीणों को इस बार लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करना पड़ेगा। इस दौरान सतपाल सिंह, संतराम सिंह, अतर सिंह, मदन सिंह, सोहन सिंह, उदय कुमार, नरेश कुमार, अर्जुन, विशाल कुमार, पंकज, शेर सिंह, कल्याण सिंह  सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।

जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा के बोल

वहीं, जब इस बारें में सिरमौर के जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह सरकार की निर्देशों के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। खदान मालिकों को लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

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