कुल्लू, 22 फरवरी – अजय सूर्या
एशिया की दूसरी बेहतरीन सोसायटी में शामिल एलपीएस यानि लाहुल पोटैटो सोसाइटी के अध्यक्ष सुदर्शन जस्पा ने सोसाइटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान दी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में एलपीएस में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन के खिलाफ उन्होंने न केवल सड़कों पर आन्दोलन किया, बल्कि कानूनी प्रक्रिया से भी लड़ाई लड़ी। परिणाम स्वरूप तत्कालीन प्रबंधन समिति को सभा से बाहर का रास्ता दिखाया गया। वर्ष 2019 में संपन्न हुए सभा के चुनावों में किसानों के भारी समर्थन से उन्हें सभा का अध्यक्ष चुना गया।
उन्होंने बताया कि सभा वर्ष 2010 से लगातार घाटे में चल रही थी और साथ ही सभा पर कांगड़ा बैंक, एनसीडीसी तथा सरकारी भागधन के तौर पर 13.5 करोड़ का कर्ज़ था, लेकिन वर्तमान प्रबंधन ने प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ सभा के व्यापार को सुदृढ़ करने तथा नए संसाधनों का निर्माण कर सभा की आमदनी को दोगुना किया और बीज आलू के व्यापार से संबंधित विसंगतियों को दूर करते हुए लगातार अच्छे दाम किसानों को दिए हैं। इतना ही नहीं बिना किसी नए कर्जे के एनसीडीसी के लोन को समाप्त किया।
होटल की नीलामी का संकट…
कर्जा अत्याधिक होने के कारण सभा के होटल की नीलामी का संकट खडा हुआ है ऐसे में उम्मीद के तौर पर सभा के रायसन यूनिट के मुआवज़े के तौर पर सरकार के पास पड़े 4.5 करोड़ रुपए प्राप्त करने की कोशिशें पूर्व सरकार तथा वर्तमान सरकार में भी की गयी लेकिन सफलता नहीं मिली।
विधायक बना रहे हैं उन्हें पद से हटाने का दवाबजस्पा ने बताया कि लाहौल स्पीति के विधायक उनके बोर्ड के सदस्यों को सरकार के पास पड़े 4.5 करोड़ रुपए दिलाने के एवज में सुदर्शन जस्पा को पद से हटाने की मांग पर अड़े हुए है इसलिए अपने बोर्ड सदस्यों के आग्रह पर सभा के हित में अपना त्यागपत्र देने जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि रवि ठाकुर अपने वादे के मुताबिक तय समय सीमा में सभा को 4.5 करोड़ रुपए सरकार से दिला कर सभा को कर्ज मुक्त करते हुए सभा के होटल की नीलामी पर रोक लगाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह किसानों और सभा के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

