हिमखबर डेस्क
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर जनसुनवाई का दौर सोमवार से शुरू हुआ। इस दौरान कुछ लोगों ने नौकरी मांगी तो कई ने परिवार को 18 से अधिक उम्र के सभी सदस्यों के लिए जमीन की मांग की।
वहीं, कई लोगों ने यहां तक कह दिया कि साहब! हमें गगल एयरपोर्ट का विस्तार किसी भी सूरत में मंजूर नहीं हैं। अगर फिर भी सरकार लोगों को उजाड़ कर इस एयरपोर्ट का विस्तार करना ही चाहती है तो सरकार को एयरपोर्ट की जद में आने वाली जमीन का हर क्षेत्र में एक समान मुआवजा देना होगा।
सोमवार को गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर ग्राम पंचायत रछियालु, गगल, सनौरा और सहौड़ा में जनसुनवाई हुई। विभिन्न स्थानों पर हुई इस जनसुनवाई में एडीएम कांगड़ा डॉ. हरीश गज्जू, एसडीएम करतार चंद सहित तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
इस दौरान उन्होंने एयरपाेर्ट विस्तारीकरण की जद में आने वाले लाेगाें की समस्याओं काे सुना गया। साथ ही जनसुनवाई में लोगों को बताया गया कि उनकी कितनी जमीन एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रही है और इस जमीन में उनके कितने फलदार पौधे और इमारती लकड़ी के पेड़ हैं।
सहाैड़ा पंचायत में आयोजित हुई जन सुनवाई में करीब 200 लाेगाें काे बुलाया गया था, लेकिन उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि हम एयरपोर्ट का विस्तार किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद क्याें न जाना पड़े।
इसके साथ ही उपस्थित ग्रामीणाें ने कहा कि अगर फिर भी सरकार यहां पर बसे-बसाए लाेगाें काे उजाड़ कर एयरपाेर्ट का विस्तार करना ही चाहती है ताे उन्हें ग्रामीणों की मांगों को पूरा करना होगा।
इस जनसुनवाई में जगदीश, प्रकाश चंद, प्रमोद सिंह चौहान, सुभाष शर्मा, सुरम चंद, संजू कुमारी और जिला परिषद सदस्य कुलभाष चौधरी आदि मौजूद रहे।
एडीएम डॉ. हरीश गज्जू के बोल
एडीएम डॉ. हरीश गज्जू ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्रभावित सभी परिवारों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि कोई परिवार छूट न पाए। मंगलवार को झिकली इच्छी में जनसुनवाई होगी।
ग्रामीणों ने ये रखी मांगें
- एयरपाेर्ट बनने के बाद एयरपाेर्ट में स्थानीय लाेगाें काे प्राथमिकता के आधार याेग्यतानुसार राेजगार।
- टैक्सी यूनियन का टेंडर स्थानीय टैक्सी चालकाें को मिले।
- वन प्रोजेक्ट-वन क्लेम की व्यवस्था की जाए।
- सभी प्रभावितों को एक समान सर्किल रेट पर मिले मुआवजा।
- मकान बनाने के लिए विशेष पैकेज के तहत 12 लाख रुपये की राशि।
- छह मरले भूमि के बजाय 12 मरले भूमि दी जाए।
- 18 वर्ष से ऊपर के हर प्रभावित को दी जाएगा अलग भूमि।
- किराये पर मकान लेने के लिए 3000 के स्थान पर 10 हजार प्रतिमाह दिया जाए।
- प्रभावित परिवारों को स्थायी तौर पर दिया जाए रोजगार।

