शिकायत आई तो नौकरी से निकाल दी टीचर, आयोग ने तलब किया कॉलेज, शिक्षिका के पास नहीं न्यूनतन शैक्षणिक योग्यता, नियामक आयोग ने कॉलेज से मांगा जवाब, जांच शुरू की
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने राजधानी शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। आयोग के पास बीते दिनों शिकायत आई थी कि इस कॉलेज में एक शिक्षिका की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं है।
शिक्षिका के पास नहीं न्यूनतन शैक्षणिक योग्यता
बीएड कॉलेज में शिक्षक के तौर पर पढ़ाने के लिए जो न्यून्तम शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए वह उक्त शिक्षिका पूरी नहीं करती। बावजूद इसके नियुक्ति दे दी गई हे। आयोग शिकायत के आधार पर जांच शुरू करता इससे पहले ही उक्त शिक्षिका को नौकरी से निकाल दिया गया।
नियामक आयोग ने कॉलेज से मांगा जवाब
आयोग को कॉलेज ने जवाब भी यही दिया कि इसे नौकरी से निकाल दिया गया है। आयोग ने कहा कि नौकरी से निकालना समस्या का हल नहीं है। इससे ऐसा प्रतित होता है कि पूर्व में भी कॉलेज ने इस तरह की गलतियां की होगी।
आयोग ने भर्तियों से जुड़ा कुछ और रिकार्ड कॉलेज प्रधानाचार्य से मंगवाया है। आयोग को ऐसी भी शिकायत मिली है कि कुछ और भर्तियां पूर्व में ऐसी हुई है जो न्यून्तम शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं करते।
जांच के आधार पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के 78 निजी बीएड कॉलेजों पर राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने पहले भी जांच बिठाई थी। कॉलेज परिसर बनाने के लिए धारा 118 की मंजूरी सहित भवनों के एग्रीमेंट और अनिवार्य दस्तावेज इन कॉलेजों से तलब किए थे।
प्रो. शशिकांत लोमेश, सदस्य हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के बोल
राजधानी शिमला के एक बीएड कॉलेज के खिलाफ शिकायत मिली है। इस की जांच की जा रही हे। कॉलेज से नियुक्तियों के संबंध में रिकार्ड मांगा गया है। ऐसा सामने आया है कि उक्त शिक्षिका को नौकरी से भी निकाल दिया गया है। बावजूद इसके जांच जारी रहेगी।

