शाहपुर – ब्यूरो
हिमाचल प्रदेश में एक तरफ तो सरकार ने अवैध खनन के चलते क्रशरों को बंद कर दिया है लेकिन दूसरी तरफ ट्रैक्टरों द्वारा रात-दिन खूब खनन किया जा रहा है। उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत कोटला, ज्वाली , देहर खड्ड, गज खड्ड, बुहल खड्ड, देहरी खड्ड सहित कई खड्डों में हर रोज सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियां बेलचा माफिया भरकर खड्डों का सीना छलनी कर रहे हैं।
देहर खड्ड किनारे बसे कोटला गांव के घरों के पास रात को बेलचा माफिया द्वारा खनन जोरों पर हो रहा है। अब खनन माफिया पर लगाम कौन लगाएगा?
बुद्धिजीवियों का कहना है कि प्रशासन और बेलचा माफिया की आपसी सांठगांठ से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्वाली उपमंडल में ज्यादातर खनन माफियाओं ने सड़कों के किनारे या सरकारी भूमि पर रेत-बजरी के बड़े-बड़े ढेर लगाकर डंप किए हुए हैं लेकिन न तो यह खनन अधिकारियों को दिखते हैं और न ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को नजर आता है।
उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं ने उपमंडल की सड़कों का भी हाल बेहाल कर दिया है। जिससे सड़कों के बीच बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़कें उखड़ गई हैं और कई बार इन गड्ढों के बीच लोगों के दोपहिया वाहन गिर जाने से कई हादसे हो चुके हैं। सरकार भी माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। लोगों ने मांग की है कि खनन माफिया पर अंकुश लगाया जाए।
जिला खनन अधिकारी नीरज कांत के बोल
इस बारे जिला खनन अधिकारी नीरज कांत ने कहा कि खनन माफिया के खिलाफ खनन विभाग लगातार लगाम कस रहा है। ज्वाली की खड्डों में भी दबिश देकर माफिया पर लगाम लगाई।

