अगर संस्थान नहीं खोले तो मैं आमरण अनशन करूंगाः BJP MLA हंस राज

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शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का बुधवार को दूसरा दिन है. बुधवार को भी पहले दिन की तरह सदन में गहमागहमी रही. सदन में जयराम सरकार में खोले गए संस्थानों को बंद करने का मुद्दा जोरों से गुंजा. सदन में भाजपा विधायक और कांग्रेस विधायक आमने सामने नजर आए.

सदन में बुधवार को चर्चा के दौरान  पूर्व डिप्टी स्पीकर और चंबा के चुराह से भाजपा विधायक  हंसराज ने कहा कि चंबा में बिजली विभाग के 2 ही डिवीजन हैं. एक मीटर लगाने के लिए 100 किमी जाना पड़ता है. हंसराज ने कहा कि इस बार चंबा में भारी बर्फबारी हुई. इस बार देवी कोठी मार्ग भी बंद रहा, जो आजतक कभी बंद नही रहा.

अधिकारियों का कहना है कि मार्ग खोलने के लिए पैसा ही नहीं आया है. सदा के लिए कोई मुख्यमंत्री नहीं बनता. अगर पैसा नहीं तो सीपीएस क्यों बनाए. सीएम बजट पेश करती बार इन सभी संस्थानों को फिर से खोलेंगे. हंसराज ने सरकार से रिस्टोरेशन का पैसा जारी करने की मांग की विधायक हंसराज ने सदन में कहा कि अगर सरकार संस्थान नहीं खोलती तो मैं आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा.

विधायक हंसराज ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जब सुखविंद्र सिंह ने सत्ता संभाली तो सबसे अधिक खुशी उन्हें हुई थी कि क्योंकि कांग्रेस में भी राजघराने से सत्ता निकलकर बाहर आई. अधिकारी तब भी गुमराह करते थे, आज भी गुमराह कर रहे हैं.

पूर्व की वीरभद्र सरकार ने 6 किमी की दूरी पर कॉलेज खोल दिए थे और एक महीने में ही चुनाव घोषित कर दिए थे. लेकिन उसके बाद बनी जयराम सरकार उन कॉलेजों को चलाया. बंद नहीं किया.

और विधायक क्या बोले

विधायक जीत राम कटवाल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि संस्थान खोलना सरकार का कार्य होता है, लेकिन बंद करने का कार्य  पहली बार देख रहा हूं, कटवाल ने कहा कि 2017 में तलाई और बरठीं में दो स्वास्थ्य केंद्र खोले गए और 27 पद स्वीकृत थे लेकिन केवल 5 डॉक्टर्स ही काम कर रहे थे.

कटवाल ने कहा कि हर साल इन संस्थानों के लिए बजट स्वीकृत किया जाता है. कटवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षण सत्र शुरू होने का इंतजार भी नहीं किया. कुर्सी पर बैठते ही संस्थान बंद करने का निर्णय ले लिया.

कटवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि क्षेत्र के विकास के लिए होती है, ना कि विधायक के व्यक्तिगत विकास के लिए. यह पहली बार है जब 9 दिन में ही जानता सड़कों पर उतरी है. झंडूता विधानसभा क्षेत्र के 16 संस्थान वर्तमान सरकार ने बंद किए यह अविवेकपूर्ण निर्णय है.

हमीरपुर के बड़सर से विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने सदन में कहा कि जब हम विपक्ष में थे तो नियम 67 के तहत चर्चा मांगी, लेकिन उस वक्त चर्चा की इजाजत नहीं दी. विपक्ष भाग्यशाली है जो चर्चा की इजाजत दी गई है.

वह बोले कि संस्थानों को डीनोटिफाई करने के मुद्दे पर विपक्ष बेवजह हो हल्ला कर रहा है. डबल इंजन की सरकार ने क्या दिया?  भाजपा ने केवल जुमले दिए और केंद्र से भी कुछ नहीं मिला.

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