नहाते वक्त आई मौत: दंपती की मौत के बाद बिलखते बच्चे पूछ रहे एक ही सवाल… ‘मम्मी-पापा को क्या हो गया?’

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गैस गीजर की वजह से दम घुटने से यह पहला हादसा नहीं हुआ। पिछले डेढ़ महीने में ही आसपास के जिलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। 

व्यूरो रिपोर्ट

गाजियाबाद के मुरादनगर के अग्रसेन विहार कॉलोनी में उद्यमी दीपक गोयल (40) और उनकी पत्नी शिल्पी ( 36) की बाथरूम में दम घुटने से मौत हो गई। होली खेलने के बाद दोनों घर के प्रथम तल पर बने बाथरूम में गैस गीजर चलाकर नहा रहे थे।

पुलिस ने गैस गीजर से जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनने और उससे दम घुट जाने के कारण मौत होने की आशंका जाहिर की है। बाथरूम में वेंटीलेंशन का इंतजाम नहीं था। मौत दबे पांव इतनी खामोशी से आई कि दोनों को जान बचाने के लिए चीखने तक का मौका नहीं मिला।

परिवार के सदस्यों के साथ होली खेलने के बाद दोनों नहाने के लिए दोपहर तीन बजे बाथरूम में गए थे। सवा चार बजे तक वे बाहर नहीं निकले तो बच्चों को चिंता हुई। उन्होंने बाथरूम के नजदीक जाकर माता-पिता को आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इससे अनहोनी का डर सताने लगा। बाथरूम के दरवाजे को हाथ से पीटने पर भी कोई आवाज उधर से नहीं आई तो बच्चे पड़ोसियों के पास पहुंचे।

साथ ही, फोन करके चाचा नितिन को बुलाया। नितिन ने बताया, वह और पड़ोसी पहुंचे। दरवाजा नहीं खुला तो रोशनदान का शीशा तोड़कर अंदर घुसे। भैया और भाभी अचेत पड़े थे। हिलाने और चेहरे पर पानी डालने पर शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो उन्हें चिकित्सक के पास गाजियाबाद ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि दोनों की मौत हो चुकी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं

डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यही लग रहा है कि गैस गीजर से बाथरूम में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे जहरीली गैस बनी। इसी गैस से दम घुटा। वहां हवा के आने जाने (वेंटीलेशन) के लिए कोई खिड़की नहीं थी। रोशनदान अवश्य था, लेकिन यह बंद था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। विसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

 

मम्मी-पापा को क्या हो गया

दंपती की बेटी बेटी भवी (13) और बेटा शौर्य (11) का रो-रोकर बुरा हाल है। दंपती के शव अस्पताल से घर आए तो दोनों यही सवाल किए जा रहे थे, मम्मी-पापा को क्या हो गया। थोड़ी देर पहले तक तो सब ठीक था। दीपक गोयल की मां मिथलेश बेटे और बहू का शव देखकर बेहोश हो गईं।

परिवार के लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि जो शख्स सवा घंटे पहले तक सबके साथ होली खेल रहे थे, वे अब उनके बीच नहीं नहीं रहे। दीपक गोयल ने कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद में केमिकल फैक्टरी खोली थी।

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