चहुँ ओर

--Advertisement--

Image

हिमखबर – डेस्क

तुम सृष्टि के, कण-कण में हो।
तुम मानव के, मन-मन में हो।

तुम बीतते वक्त के, क्षण-क्षण में हो।
तुम सोचते-विचारते, जन-जन में हो।

तुम बनती बिगड़ती, परिकल्पना के पल-पल में।
तुम अनंत व्योम के चमकते, सितारे-सितारे में हो।

मौलिकता प्रमाण पत्र

मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।

राजीव डोगरा, (भाषा अध्यापक) राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय- गाहलिया
पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038- कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
9876777233 – rajivdogra1@gmail.com

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में...

डील का असर: होर्मुज लांघने वाले जहाजों को 60 दिन टैक्स माफ, ईरान उठाएगा खर्च

हिमखबर डेस्क ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएसई) ने...

NEET अभ्यर्थियों को HRTC में मुफ्त यात्रा, 20 से 22 जून तक नहीं लगेगा किराया

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश में नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को...

न पार्किंग की व्यवस्था, न श्रद्धालुओं के चलने का रास्ता… हिमाचल के चामुंडा धाम में चरमराई व्यवस्था

हिमखबर डेस्क प्रसिद्ध श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर में इन...