शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए राज्य सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश पुलिस संशोधन अधिनियम, 2024’ को विधिवत लागू कर दिया है। इस अधिनियम की अधिसूचना विधि विभाग द्वारा निर्मित की जा चुकी है तथा इसे राजपत्र में भी प्रकाशित कर दिया गया है। इस परिवर्तन के अंतर्गत प्रदेश के समस्त ग्रेड-द्वितीय के पुलिसकर्मियों अर्थात् कांस्टेबल एवं हेड कांस्टेबल को अब जिला के स्थान पर राज्य स्तरीय कैडर में सम्मिलित कर दिया गया है।
इस परिवर्तन का सीधा प्रभाव प्रदेश के हज़ारों पुलिसकर्मियों पर पड़ेगा। अब इनका स्थानांतरण प्रदेश के किसी भी जिले में किया जा सकेगा। पूर्व में ये कांस्टेबल जिला कैडर में कार्यरत थे, जिसके कारण उनकी सेवा की सीमाएँ मात्र संबंधित जिले तक ही सीमित रहती थीं। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से विभागीय कार्य में निष्पक्षता व पारदर्शिता बाधित होती थी तथा लंबे समय तक एक ही थाना क्षेत्र में कार्यरत रहने से जनता को भी असुविधा होती थी।
अधिनियम में एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए यह भी निर्धारित किया गया है कि अब कोई भी पुलिस अधिकारी राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बिना किसी भी लोक सेवक को उसके द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन के दौरान गिरफ्तार नहीं कर सकेगा। यह प्रावधान सरकारी कार्य में व्यावधान की आशंका को कम करने हेतु किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह संशोधित विधेयक वर्ष 2024 में धर्मशाला स्थित तपोवन में आयोजित राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था। तत्पश्चात इसे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा भारत के राष्ट्रपति को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया था। राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत यह विधेयक अब विधिसम्मत अधिनियम बन गया है।

