हिमखबर डेस्क
चश्मा लगाने वालों को स्वयं बार-बार इसे साफ नहीं करना पड़ेगा। लकड़ी के बॉक्स के अंदर लगे स्पंज उसे साफ करेंगे। जैसे ही चश्मा निकालने के लिए लकड़ी के डिब्बे को खोला जाएगा अंदर लगा स्पंज उस चश्मे को साफ कर देगा। एक बार साफ होने के बाद उसे बार बार साफ नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की भी बचत होगी।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धनेटा की जमा दो कक्षा की छात्रा वर्षा ने यह मॉडल बनाया है। महत्वपूर्ण बात यह है पर्यावरण के अनुकूल बने इस मॉडल में चश्मे को रखने के लिए प्लास्टिक के बॉक्स का नहीं बल्कि लकड़ी के डिब्बे का इस्तेमाल होगा।

लकड़ी के डिब्बे में चश्मा प्लास्टिक के डिब्बे की तुलना में अधिक सुरक्षित रहेगा। वर्षा ने लकड़ी का एक बॉक्स चश्मे के आकार का बनाया। बॉक्स के अंदर जहां चश्मे के लैंस आते हैं, वहां पर स्पंज को अच्छे से चिपकाया। स्पंज पर कम मात्रा में पानी और लैंस क्लीनर छिड़का, इससे चश्मे के लैंस स्वयं साफ हो गए।
वर्षा ने यह मॉडल शैक्षणिक सत्र 2024 -2025 में कन्या स्कूल धनेटा में बनाया था। जब वह कक्षा दसवीं में थीं। अब जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 अप्रैल को हमीरपुर में हुई, जिसमें जिला के 88 विद्यालयों में से चयनित छात्रों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सात विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ जिनमें धनेटा विद्यालय की छात्रा वर्षा भी शामिल है।
इस अवसर पर वर्षा के मार्गदर्शक विज्ञान अध्यापक मोनिका भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने छात्रा का मार्गदर्शन किया। विद्यालय में बुधवार को प्रार्थना सभा के दौरान प्रधानाचार्य राज कुमार सिंह ने वर्षा को सम्मानित किया।

