सुप्रीम कोर्ट ने पालमपुर के कारोबारी पर हमले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

--Advertisement--

दिल्ली – नवीन चौहान

सुप्रीम कोर्ट ने पालमपुर के कारोबारी निशांत कुमार शर्मा पर जानलेवा हमले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा पारित 23 सितम्बर के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी प्राथमिकी में जबरन वसूली से जुड़ी धाराओं को जोड़ने के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 23 सितम्बर को पारित फैसले में आदेश दिए थे कि इस मामले में धारा 384 से 387 आईपीसी को पुलिस स्टेशन मैक्लोडगंज के समक्ष एफआईआर में जोड़ा जाए और इसकी एसआईटी द्वारा जांच भी की जाए। हाईकोर्ट ने एसआईटी को डीजीपी द्वारा दायर रिपोर्ट में बताए गए सभी पहलुओं की आगे की जांच करने को भी कहा था।

कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा द्वारा अनुमोदित हिमाचल प्रदेश सशस्त्र पुलिस बटालियन के एक एसपी स्तर के अधिकारी को राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के सदस्य के रूप में जोड़ने के आदेश दिए थे और इस संबंध में उचित अधिसूचना 3 दिन के भीतर जारी करने के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट ने कहा था कि इस मामले में कभी भी रंगदारी, रंगदारी वसूलने का प्रयास, जमीन पर कब्जा करने आदि गंभीर आरोपों की जांच एसआईटी या अन्य जांच अधिकारियों द्वारा नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई के पश्चात हाईकोर्ट के उपरोक्त आदेशों पर रोक लगाई है।

ये है मामला

प्रार्थी निशांत ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को खतरे बारे हाईकोर्ट को ई-मेल के माध्यम से अवगत करवाया था। इस ई-मेल को आपराधिक रिट याचिका में तब्दील करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर एसपी शिमला और एसपी कांगड़ा को प्रार्थी को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए थे।

इसके बाद पूर्व डीजीपी संजय कुंडू ने भी छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में निशांत शर्मा के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज करवाई थी। दोनों मामलों की जांच के लिए कोर्ट ने एसआईटी का गठन कर जांच करने के आदेश दिए थे।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

सोलन SDM पूनम बंसल के खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश, डीजीपी ने लिखा पत्र

सोलन - रजनीश ठाकुर हिमाचल के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी...