पुछ मुठभेड़ में आतंकियों की फायरिंग में जेसीओ समेत दो जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

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जम्मू&कश्मीर- व्यूरो रिपोर्ट

जिला पुंछ के नाढ़ खास के घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाया है। सर्च ऑपरेशन में शामिल सेना के जवानों पर अचानक से गोलीबारी करते हुए आतंकवादियों ने जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) समेत दो जवानों को शहीद कर दिया है। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार घायल जवान को मुठभेड़ से निकाल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया परंतु जख्मों का ताव न सहते हुए उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शहीद जेसीओ का पार्थिक शरीर अभी तक बरामद नहीं हुआ है।

सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि घना जंगल होने के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से अभियान चलाने में काफी परेशानी हो रही है। जेसीओ की तलाश की जा रही है। आपको बता दें कि गोलीबारी की यह घटना वीरवार देर रात की है। रात के अंधेरे में जब जवान नाढ़ खास के जंगलों मेंं आतंकवादियों की तलाश कर रहे थे, तभी पेड़ों की होड़ में छिपे आतंकवादियों ने जवानों पर अचानक से हमला कर दिया। इस हमले में जेसीओ समेत दो जवान शहीद हो गए। आतंकवादी एक बार फिर घने जंगलों में छिप गए हैं।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों की संख्या तीन से चार के करीब है। यही नहीं ये पिछले तीन महीनों से इन्हीं जंगलों में छिपे हुए थे। सेना इन्हें मार गिराने का पूरा प्रयास कर रही है।

सैन्य सूत्रों से यह भी पता चला है कि जंगलों में छिपे इन आतंकियों की तलाश के लिए सेना ने अपने विशेष दस्ते को तैनात किया है। भिंबर गली में पड़ने वाले दूरियां और सांयोट गांवों में आतंकियों के देखे जाने की सूचना के बाद से इस दल ने वहां सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। आतंकियों की मौजूदगी को देखते हुए सेना ने राजौरी-पुंछ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी बंद कर रखी है।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राजौरी-पुंछ रेंज विवेक गुप्ता ने कहा कि आतंकवादियों को घेर कर एक इलाके तक सीमित कर दिया गया है। सुरक्षाबलों से बचकर आतंकियों का यह समूह दो-तीन महीने से यहां मौजूद था। आपको जानकारी हो कि इस वर्ष राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में कई आतंकवाद विरोधी अभियान और मुठभेड़ हुई हैं। गत 12 अक्टूबर को पुंछ के सुरनकोट इलाके में डेरा की गली (डीकेजी) में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के दौरान एक जेसीओ समेत सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे।

इससे पहले 12 सितंबर को जिला राजौरी के मंजाकोट के ऊपरी इलाकों में एक तलाशी अभियान के बाद सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया था। 19 अगस्त को राजौरी के ही थानामंडी इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जेसीओ शहीद हुआ था जबकि 6 अगस्त को थानामंडी बेल्ट में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो आतंकवादी मारे गए थे।

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