पीडब्ल्यूडी डिवीजन देहरा में घोटाले और मिली भगत से टेंडरों को रेवड़ियों की तरह बांटा

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पीडब्ल्यूडी डिवीजन देहरा में घोटाले और मिलीभगत से टेंडरों को रेवड़ियों की तरह बांटा, एक्सएन पीडब्ल्यूडी देहरा अरुण वशिष्ठ ने दिए जांच के आदेश,11 टेंडरों को अपने चहेतों को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गुपचुप तरीके से दिया, अधिकतर काम पहले ही कर दिए गए, पूर्व मंत्री रविन्द्र सिंह रवि ने कहा तुरंत टेंडर कैंसल करें नहीं तो जाएंगे कोर्ट।

देहरा – व्यूरो रिपोर्ट 

पीडब्ल्यूडी डिवीजन देहरा के तहत बड़े घोटाले की खबर है। जिसमें कई बड़े अधिकारी इसकी चपेट में आ गए हैं।

दरअसल अपने चहेतों को राजनितिक लाभ देने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ मिलकर काम बिना किसी टेंडर को अवॉर्ड किए रेवड़ियों की तरह बांट दिए गए।

जांच में पाया गया की लगभग दो से तीन महीने पहले 11 कामों में से आधे से ज्यादा काम पहले ही ठेकेदारों के द्वारा कर दिए गए। जिनके टेंडर 24 मई को गुपचुप तरीके से अवॉर्ड किए गए।

जिसके बाद ठेकेदारों में इस बात को लेकर हड़कंप मच गया। यह सभी टेंडर पीडब्ल्यूडी सब डिवीजन ज्वालामुखी के तहत हुए हैं। नई नवेली सरकार का यह व्यवस्था परिवर्तन किसी के भी गले नहीं उतर रहा है।

54,38,665 रुपए यह 11 टेंडर थे जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को दिए गए हैं।

वहीं जब मिडिया की टीम ने एक रास्ते का निरीक्षण किया तो पाया गया कि एक रास्ते में टाइल मार्च 2023 में ही डाल दी गई जिसका टेंडर 24 मई 2023 को हुआ है।

वहां के स्थानीय लोगों ने भी बताया कि काम मार्च 2023 में पूरा हो चूका है।

वहीं बीजेपी के पूर्व मंत्री रविन्द्र सिंह रवि ने भी इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों को कोर्ट जाने की धमकी दे दी है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सुख की सरकार में यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन है जो अपने चहेते ठेकेदारों को किसी राजनितिक व्यक्ति के कहने से टेंडर जारी कर दिए जाएं।

उन्होंने कहा कि जानकारी यह मिली है कि 11 टेंडरों में धांधली हुई है जिसकी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की एक सड़क भी वन भूमि में बना दी गई है।

पीडब्ल्यूडी देहरा डिविजन के एक्सएन अरुण वशिष्ठ ने कहा कि 11 टेंडर अवॉर्ड हुए हैं और उन्हें घोटाले की कोई भी जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुझे मिडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। वह खुद साइट पर जाकर निरीक्षण करेगें की काम पहले ही कर दिए गए हैं की नहीं।

उन्होंने कहा की जांच में अगर ऐसा पाया जाता है तो सभी टेंडर जो अवॉर्ड किए उन्हें कैंसल किया जाएगा। इनमें सलीप्त अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी।

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