धर्मशाला – हिमखबर डेस्क
ऑटोमेटेड ट्रांसपोर्ट सैटर (एटीएस) के विरोध में व्यवसायिक वाहन संघर्ष समिति का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है।
बुधवार को समिति का प्रतिनिधिमंडल डीसी कांगड़ा से मिला और अपनी मांगों को लेकर पक्ष रखा। समिति के सदस्यों ने बताया कि छह अप्रैल को किए गए चक्काजाम के बाद प्रशासन की ओर से समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से वाहन संचालकों में रोष बना हुआ है।
इसी कड़ी में सोमवार को भी प्रतिनिधिमंडल डीसी कांगड़ा से मिलने पहुंचा था, लेकिन मुलाकात न हो पाने पर कचहरी अड्डा स्थित हनुमान मंदिर में न्याय की गुहार लगाई गई।

बैठक में समिति के अध्यक्ष विक्की पठानियां ने बताया कि उपायुक्त ने चार से पांच दिनों के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। डीसी ने यह भी कहा कि वाहन संचालकों की समस्याओं को प्रमुखता से संबंधित स्तर पर उठाया गया है।
विक्की पठानियां ने स्पष्ट किया कि समिति फिलहाल प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करते हुए पांच दिन का समय दे रही है। यदि इस अवधि में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में चक्काजाम के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का घेराव भी किया जा सकता है।

