रोते-बिलखते मां-बाप ने सिया को दी अंतिम विदाई, आंसुओं ने बयां किया दर्द
हिमखबर डेस्क
सरकाघाट के गोपालपुर क्षेत्र के तहत नैण गांव मर्डर केस में मंगलवार को मृतका 19 वर्षीय सिया गुलेरिया का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान हर आंख नम थी। आंखों में आंसू और हृदय में पीड़ा लिए सैकड़ों लोगों ने गांव की बेटी को अंतिम विदाई दी।
सुबह से ही सिया गुलेरिया के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल हुए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। हर किसी की आंखें नम थीं और लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश भी देखने को मिला।
सिया के अंतिम संस्कार में विधायक दिलीप सिंह, एसडीएम राजेंद्र गौतम, डीएसपी संजीव गौतम, राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं माकपा नेता भूपेंद्र सिंह, पूर्व जिला पार्षद मुनीश शर्मा, नागेंद्र गुलेरिया, तहसीलदार रमेश भारद्वाज, अधिवक्ता सुरेश शर्मा, दिनेश काकू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बस रूट बंद न होता, तो सिया की जान न जाती
सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के गोपालपुर के साथ लगते गांव नैण-ठाणा में पिछले कल एक कॉलेज पढऩे वाली छात्रा की निर्मम हत्या शायद न होती, यदि इस गांव के लिए दिन में तीन बार जाने वाली बसें नियमित चलती। यह बात माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि मंडल को स्थानीय लोगों ने बताई, जिसमें पार्टी सचिव भूपेंद्र सिंह भी शामिल थे।
जिन्होंने मीडिया को बताया कि इस गांव के लिए जो तीन बसें चलती थीं, वे पिछले एक महीने से बंद हैं और बस का गांव में न जाना सिया गुलेरिया की हत्या का कारण बन गया। क्योंकि बस न होने की वजह से छात्रा को डेढ़ किलोमीटर दूर गोपालपुर से बस लेने जाना पड़ा और उसी दौरान रास्ते में जाते हुए उस पर उस सिरफिरे व नशेड़ी ने धारदार हथियार से हमला करके उसकी निर्ममता से हत्या कर दी।

