राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिमाचल प्रदेश के दौरे पर बिलासपुर पहुंचीं, उनके आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया, राष्ट्रपति AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
हिमखबर डेस्क
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही एम्स बिलासपुर में आयोजित होने वाले पहले दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी हो गई हैं। राष्ट्रपति समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही बिलासपुर पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने एम्स परिसर में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से भी मुलाकात कर राष्ट्रपति के दौरे और दीक्षांत समारोह की व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में शिक्षा और प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। समारोह में 92 प्रशिक्षुओं को डिग्री दी जानी है। इनमें एमबीबीएस, एमडी-एमएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रशिक्षुओं को स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया जाएगा।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए एम्स परिसर और उनके आने-जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। करीब 250 पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। घागस और जबली में भी यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान आवश्यकता के अनुसार यातायात को नियंत्रित किया जाएगा।
राष्ट्रपति के स्वागत और दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के शामिल होने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति के बिलासपुर पहुंचने के बाद अब सभी की नजर एम्स में होने वाले दीक्षांत समारोह पर है, जहां पहली बार संस्थान के विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
अटल टनल इतने घंटे रहेगी बंद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित अटल टनल दौरे के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। मंगलवार शाम 8 बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक पलचान से अटल टनल रोहतांग की ओर आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन को निर्धारित मार्ग पर आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा का कार्यक्रम इसी हिसाब से तय करें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है।

