पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, रेललाइन के ब्रॉडगेज सर्वे का काम पूरा हो चुका है और परियोजना की डीपीआर मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है।
हिमखबर डेस्क
पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेललाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। प्रस्तावित करीब 170 किलोमीटर रेलमार्ग का फील्ड सर्वे पूरा कर लिया गया है। सर्वे के दौरान यातायात, जनसंख्या घनत्व, स्थानीय यात्रा पैटर्न, माल ढुलाई, पर्यटन संभावनाओं और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाए गए।
सर्वे के आधार पर तैयार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। डीपीआर में प्रस्तावित रेलमार्ग, तकनीकी पहलुओं, यात्री एवं माल यातायात की संभावनाओं और परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता का अध्ययन शामिल है।परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है।
रेलवे के अनुसार बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद ब्रॉडगेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे कांगड़ा क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, उद्योग और माल ढुलाई को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जोगिंद्रनगर से मंडी तक रेललाइन विस्तार के प्रस्ताव को भी भविष्य की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जोगिंद्रनगर से मंडी तक रेललाइन के विस्तार के प्रस्ताव को भी भविष्य की कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सांसद राजीव भारद्वाज के बोल
उधर, सांसद राजीव भारद्वाज ने बताया कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन को ब्रॉडगेज करने के कार्य को रेलवे अमलीजामा पहनाएगा। इस पर करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है।
राघवेंद्र, पीआरआई, रेलवे, जम्मू मंडल के बोल
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन को ब्रॉडगेज करने के लिए लगभग 170 किलोमीटर का फील्ड सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार कर बोर्ड के पास अंतिम फैसले के लिए भेजी गई है। मंजूरी के बाद ब्रॉडगेज के निर्माण को शुरू किया जाएगा।

