हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के लिए गौरव की खबर है। भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विश्वेश नेगी को ईरान में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। नेगी किन्नौर की पूह तहसील के कानम गांव के मूल निवासी हैं। वर्तमान में वह विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (ओशिनिया) का दायित्व संभाल रहे थे।
विश्वेश नेगी भारतीय विदेश सेवा के 2002 बैच के अधिकारी हैं। लंबे कूटनीतिक करिअर के दौरान उन्होंने तेहरान, रोम और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। ईरान में उनकी नई नियुक्ति को उनके व्यापक कूटनीतिक अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।
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तेहरान में पहले भी निभा चुके हैं जिम्मेदारी
विश्वेश नेगी का ईरान से पहले भी कूटनीतिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने तेहरान स्थित भारतीय मिशन में द्वितीय सचिव (राजनीतिक) के रूप में काम किया है। इसके अलावा रोम में प्रथम सचिव (राजनीतिक) और लंदन में मंत्री (राजनीतिक एवं प्रेस) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दी हैं। संयुक्त सचिव (ओशिनिया) का दायित्व संभालने से पहले नेगी ने 2022 से 2025 तक रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) के रूप में काम किया।
विदेश मंत्रालय के कई अहम प्रभागों में किया काम
नेगी ने विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान-अफगानिस्तान और श्रीलंका से जुड़े प्रभागों में निदेशक, उप सचिव और अवर सचिव के तौर पर कार्य किया है। वह फारसी भाषा में भी दक्ष हैं। ईरान में राजदूत के तौर पर नई जिम्मेदारी के लिहाज से यह उनकी महत्वपूर्ण विशेषता मानी जा सकती है।
अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन में की पढ़ाई
विश्वेश नेगी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधियां हासिल की हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने अमेरिका के जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के इलियट स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अमेरिकी विदेश नीति में डिप्लोमा किया।
किन्नौर में खुशी का माहौल
विश्वेश नेगी की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से किन्नौर और हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया है। कानम गांव से निकलकर भारतीय विदेश सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने और अब ईरान में भारत के राजदूत बनने तक का उनका सफर किन्नौर के लिए गौरव का विषय है।

