हिमाचल की सुख आश्रय योजना के तहत 41 लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 3-3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, इससे लाभार्थियों को अपना घर बनाने में मदद मिलेगी, एडीसी ने जिला स्तरीय समिति की बैठक में की महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, क्हा गंभीर कुपोषण के शिकार 80 बच्चों सही पोषण के लिए की जाएगी अतिरिक्त व्यवस्था
हमीरपुर 21 सितंबर – हिमखबर डेस्क
बेसहारा बच्चों एवं युवाओं के लिए आरंभ की गई प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना-मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला हमीरपुर के 41 बेसहारा युवाओं को मकान निर्माण के लिए 3-3 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।
9 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 7.44 लाख रुपये, 25 युवाओं की शादी के लिए 2-2 लाख और एक युवा को स्वरोजगार के लिए 1.40 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
जिला में कुल 211 बच्चों एवं युवाओं को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। बेसहारा महिलाओं के 1962 बच्चों एवं युवाओं को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 92.30 लाख रुपये दिए गए हैं।
सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने यह जानकारी दी।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिला में कोई भी पात्र बेसहारा बच्चा, युवा, एकल नारी और बेसहारा बुजुर्ग इस योजना से छूटना नहीं चाहिए। एडीसी ने कहा कि जिला में कुल 1351 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से 6 वर्ष तक के 14,542 बच्चों और 4081 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष पोषाहार दिया जा रहा है।
इनके अलावा 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के 8045 बच्चे सरकारी या गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील प्रदान किया जा रहा है। कामकाजी महिलाओं और उनके बच्चों की सुविधा के लिए जिला में 2 क्रैच भी संचालित किए जा रहे हैं।
जिला में 20,980 बच्चों की जांच के दौरान 80 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। इन बच्चों की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए एडीसी ने कहा कि इनके पोषण के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि भोरंज ब्लॉक में पायलट आधार पर आरंभ किए गए रागी पाउडर के वितरण के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
एडीसी ने आंगनवाड़ी भवनों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने डिनोटिफाई किए गए स्कूलों के भवनों को आंगनवाड़ी केंद्रों को सौंपने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाल आश्रम सुजानपुर, वन स्टॉप सेंटर, महिला सशक्तिकरण हब, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और अन्य सेवाओं की विस्तृत रिपोर्ट भी ली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना की लाभार्थियों को 89 लाख रुपये दिए गए हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत विभिन्न जागरुकता गतिविधियों पर 2.77 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
ये रहे उपस्तिथ
बैठक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, विधवा पुनर्विवाह और अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में जिला स्तरीय समिति के अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।

