
शिमला – जसपाल ठाकुर
‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर हिमाचलियों की धमक का सिलसिला जारी है। सीजन-13 में नन्हें बालक अरुणोदय शर्मा ने खास छाप छोड़ी थी। अमिताभ बच्चन भी बच्चे की हाजिर जवाबी के सामने नतमस्तक होते नजर आए थे।
केबीसी 14 (KBC-14) के शुरू होते ही हिमाचल की साख उस समय बढ़ गई, जब नागालैंड में डीजीपी (जेल) रूपिन शर्मा ने हाॅट सीट पर बैठकर ये कहा कि वो मूलतः हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के रहने वाले हैं।
आपको बता दें कि आईपीएस रूपिन शर्मा को देश के सबसे युवा पुलिस महानिदेशक बनने का गौरव भी हासिल है।महज 50 साल की उम्र में 24 नवंबर 2017 को नागालैंड के पुलिस महानिदेशक बनने का गौरव हासिल किया।
इससे पहले ये रिकाॅर्ड केपीएस गिल के नाम पर था। आईपीएस गिल 53 साल की उम्र में पुलिस महानिदेशक बने थे। हालांकि, इस पद पर वो कुछ समय के लिए रहे, लेकिन पद से हटाने पर जनसैलाब सड़कों पर उतर आया था।
बता दें कि आईपीएस रूपिन शर्मा ने नागालैंड में पुलिस भर्ती की बैकडोर भर्ती के खिलाफ स्वर मुखर किए थे। बतौर आईपीएस अधिकारी रूपिन शर्मा ने लगभग 25 साल की सेवाएं नागालैंड में ही दी हैं।
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी को ही लोग डीजीपी के पद पर चाहते थे। बेहतरीन कार्यशैली का ही नतीजा था कि न केवल आम लोग बल्कि पुलिस महकमे के अधिकारी भी उन्हें डीजीपी के पद पर बरकरार रखने के लिए कई दिन तक सड़कों पर उतरे थे, लेकिन निजी तौर पर उन्होंने डीजीपी (जेल) का पद ग्रहण कर लिया था।
आपको बता दें कि देश के काबिल पुलिस अधिकारी रूपिन शर्मा के पिता एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले आईपीएस मोहिता शर्मा ने एक करोड़ की राशि जीत कर हिमाचल को गौरवान्वित किया था।
आईपीएस मोहिता शर्मा कांगड़ा व उना की सीमा पर बग्गी की रहने वाली हैं। 2020 में एक करोड़ की राशि जीत कर हिमाचल का गौरवान्वित किया था। 7 करोड़ के सवाल का जवाब नहीं दे पाई थी।
सितंबर 2021 में नाहन मेडिकल काॅलेज की छात्रा तरनजोत कौर भी केबीसी की हॉट सीट तक पहुंचने में कामयाब हुई थी। पहले हाॅट सीट से एक कदम पीछे रह गई थी, लेकिन बाद में इस सीट पर बैठकर 80 हजार रुपए जीते थे।
ऐसे हुए अमिताभ बच्चन प्रभावित…
हाॅट सीट पर बैठकर आईपीएस रूपिन शर्मा ने अमिताभ बच्चन को अबू सलेम व मोनिका बेदी के प्रत्यारोपण का किस्सा सुनाया। इस पर बच्चन काफी हैरान हुए।
ये किस्सा शर्मा ने उस समय शेयर किया, जब बिग बी ने उनसे व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि वो 1992 में आईपीएस अधिकारी बने थे।
कुछ समय बाद ही मुंबई में धमाके हुए। इस दौरान उन्होंने एंटी इंटरपोल सीबीआई के लिए कार्य किए। आईपीएस शर्मा ने बताया कि छोटी लीड पर काम करना शुरू किया।
2002 में हमें एक ई-मेल मिला कि अबू सलेम कहां है। इसमें आशंका जाहिर की कि दानिश बेग व फौजिया उस्मान का हुलिया बनाकर रह रहे व्यक्ति अबू सलेम व मोनिका बेदी हो सकते हैं।
वो इस समय पुर्तगाल में हैं। नॉर्वे के बाद कनाडा जाने की योजना बना रहे हैं। एक अन्य लीड में ये पता चला था कि मोनिका बेदी के माता-पिता नॉर्वे से थे। ईमेल खंगालने पर पता चला कि इसे पुर्तगाल से भेजा गया है।
वहां की सरकार से संपर्क किया गया। वहां की सरकार ने हमसे ये आश्वासन मांगा कि 25 साल से अधिक जेल में नहीं रखा जाएगा। उन्हें मृत्यु दंड भी नहीं दिया जाएगा।
इसके बाद ये साबित हो गया कि दानिश बेग ही अबू सलेम है। फिर पता चला कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
गौरतलब है कि नागालैंड में एक आईपीएस अधिकारी को निरंतर सेवा देना बेहद ही कठिन होता है। राज्य में हर कदम पर मौत का साया होता है। दबंग व साहसी अधिकारी ही सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
ऐसा भी कहा जाता है कि कोई भी आईपीएस अधिकारी अधिक समय तक राज्य में सेवाएं नहीं देना चाहता, वो प्रतिनियुक्ति करवा कर दिल्ली जाना चाहता है। यहां खतरों के खिलाड़ी बनकर ही सेवाएं देनी पड़ती हैं।
6 लाख 40 हजार की राशि
रूपिन शर्मा ने खेल शुरू किया। 40 व 80 हजार के जवाब सही दिए। 1 लाख 60 हजार पर अटक गए। ऑडियंस पोल लाइफ लाइन मांगी। लेकिन सवाल फिर भी अटका रहा। अनुमान के आधार पर 3 लाख 20 हजार के सवाल का जवाब दिया।
ये अनुमान सटीक बैठा। शो के दौरान रूपिन शर्मा का नागालैंड से जुड़ा एक वीडियो भी दिखाया गया, इसमें एक शख्स ने रूपिन शर्मा की तारीफ में ये तक कहा कि देख लेना कि वो इस शो से जीती राशि को भी रिफार्मस के कार्यों में ही खर्च कर देंगे।
