हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। लूणा-सामरा मार्ग पर पहाड़ी दरकने से सड़क मार्ग बाधित हो गया, जिसके चलते चार पंचायतों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिरने का मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए।
चम्बा – भूषण गुरुंग
जनजातीय क्षेत्र भरमौर में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने एक बार फिर सड़क व्यवस्था को प्रभावित किया है। भरमौर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कोडल से उरई सड़क आज सुबह भारी भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा सड़क को तोड़ता हुआ नीचे नाले में जा समाया, जिसके चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ पैदल आवागमन भी पूरी तरह ठप हो गया है।
भूस्खलन इतना भारी था कि पहाड़ी का एक पूरा हिस्सा सड़क के बड़े हिस्से को अपने साथ बहा ले गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गनीमत रही कि जिस समय पहाड़ी का यह हिस्सा सड़क पर गिरा, उस वक्त वहां से न तो कोई वाहन गुजर रहा था और न ही पैदल लोगों की आवाजाही थी। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
लूणा-सामरा मार्ग के बंद होने से चार पंचायतों के ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने की मांग की है।
भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग का निरीक्षण किया गया। सड़क पर गिरे मलबे को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की जा रही है। मार्ग पूरी तरह बहाल होने तक लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ सकती है।
फिलहाल सड़क बाधित होने के बाद लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर है कि जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर सड़क को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

