हिमाचल प्रदेश के शिमला में कफ सिरप तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नेरवा क्षेत्र से जुड़े मामले की जांच के दौरान पुलिस ने देहरादून से 35 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे मामले में मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
हिमखबर डेस्क
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत नेरवा पुलिस ने कोडीन आधारित प्रतिबंधित कफ सिरप की कथित तस्करी के मामले में उत्तराखंड के देहरादून से 35 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में महिला की भूमिका मामले में मुख्य सप्लायर के तौर पर सामने आई है। पुलिस थाना नेरवा में दर्ज अभियोग संख्या 39/2026, दिनांक 6 अगस्त 2026 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 25 और 29 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके संपर्कों की जांच के दौरान सप्लाई नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को नेरवा पुलिस टीम ने नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान एक वाहन की तलाशी ली थी।
तलाशी के दौरान बिना लेबल वाली कोडीन आधारित संदिग्ध कफ सिरप की पांच सीलबंद प्लास्टिक बोतलें बरामद की गई थीं। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपियों के कथित बैकवर्ड लिंक और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटानी शुरू की।
पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का संपर्क देहरादून निवासी मनीषा राणा से था। पुलिस का दावा है कि प्रतिबंधित पदार्थ की खरीद को लेकर आरोपियों ने महिला से फोन पर संपर्क किया था और ऑनलाइन माध्यम से भुगतान भी किया गया था। इन्हीं सुरागों के आधार पर नेरवा पुलिस टीम ने देहरादून में कार्रवाई की और मनीषा राणा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में महिला की भूमिका कथित मुख्य सप्लायर के रूप में सामने आई है। अब जांच एजेंसी सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और प्रतिबंधित कफ सिरप की कथित खरीद-फरोख्त के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार महिला को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सप्लाई नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

