
डोल – नवीन गुलेरिया
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले पांच साल कुछ विधायक कर्मचारियों को ट्रांसफर करके प्रताड़ित करने में ही व्यस्त रहे। जहां तक कि संबंधित विभागों पर भी कर्मचारियों की ट्रांसफरों को लेकर इतना दबाव बनाया हुआ था कि कोई भी स्थानांतरित कर्मचारी तब तक अपने ट्रांसफर हुए स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सकता था। जब तक उस क्षेत्र के विधायक से अनुमति प्राप्त न हो जाए।
अतः इस कारण स्थानांतरित हुए कर्मचारी स्थानांतरण स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण करने से पहले विधायक से अनुमति लेने के लिए मिठाई का डिब्बा लेकर कार्यभार ग्रहण करने केलिए हरि झंडी लेने केलिए निकल पड़ते थे या फिर टैलीफोन पर संपर्क साध कर अनुमति लेने उपरांत ही अपने स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण करने केलिए कूच करते थे।
यह परंपरा कुछ चुनिंदा विधायकों द्वारा ही अपने क्षेत्रों में लागू की हुई थी और ऐसी मानसिकता रखने वाले विधायक और तो और उनकी बिना सहमति से हुए स्थानांतरण आदेशों को बीच में संबंधित कार्यालयों में रुकवा दिया करते थे।
अतः अब आगामी चुनावों में जनता भी ऐसे विधायकों की राजनीति समाप्त करने केलिए गुप्त रुप से डीओ नोट लगा कर राजनीति से स्थानांतरित करके घर बैठाने का मन बना चुकी है।
