
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के सिरमौर जिले के दौरे से ठीक पहले जिला कांग्रेस में बगावत हो गई है. पार्टी के कई पदाधिकारी जिलाध्यक्ष कंवर अजय बहादुर के खिलाफ हो गए हैं, उन्हें पद से हटाने मांग की गई है.
इस बावत प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला को चिठ्ठी लिखी है गई है, इसकी प्रतिलिपि प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, सह प्रभारी संजय दत्त और तेजिंद्र बिट्टू को भेजी गई है.
इतना ही नहीं स्थानीय कांग्रेस नेताओं और पार्टी के पदाधिकारियों ने वर्तमान जिलाध्यक्ष को भाजपा की बी टीम का नेता बताया है.
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, जिला की 70 फीसदी कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष के खिलाफ है. शुक्रवार को जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित एक विशेष बैठक में इस पर चर्चा हुई.
ये तय किया गया है कि अगर जिलाध्यक्ष बदला नहीं जाता तो सामांतर जिला कमेटी बनाई जाएगी. बताते चलें कि रविवार को प्रतिभा सिंह नाहन के सैनवाला में आयोजित होने वाली बैठक में शिरकत करेंगीं. ये कांग्रेस के माइनॉरिटी विंग का कार्यक्रम है.
कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला को लिखी गई चिठ्ठी में लिखा गया है कि कांग्रेस कमेटी के वर्तमान पदाधिकारी, विधायक पार्षद, ग्राम पंचायतों के प्रधान, जिला परिषद सदस्य और ब्लॉक समिति के सदस्य जिला सिरमौर के अध्यक्ष की निष्क्रियता,कार्यप्रणाली और पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में अवगत करवाना चाहते हैं.
चिठ्ठी में लिखा है कि जिला सिरमौर के अध्यक्ष कंवर अजय बहादुर की उम्र 78 वर्ष है और उन्होंने जिलाध्यक्ष बनने से पहले स्वयं पार्टी के कार्यों को करने में असमर्थता व्यक्त की थी और सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा की थी.
इनके कार्यकाल को 2 वर्ष 6 महीने हो गए हैं और अब तक जिला कांग्रेस कमेटी की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई है और न ही पार्टी के कार्यक्रम में सक्रियता दिखाई है जिसके कारण जिला सिरमौर में कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो रहा है.
चिट्ठी में क्या लिखा
पत्र में आगे लिखा है कि हिमाचल प्रदेश के निर्माता डॉ.यशवंत सिंह परमार के पुत्र कुश परमार जोकि नाहन विधानसभा क्षेत्र से 3 बार और 2 बार पांवटा साहिब से विधायक रहे हैं।
उन्हें कांग्रेस पार्टी में जीरो कर घर बिठाने में अजय बहादुर सिंह की अहम भूमिका है, जिसके कारण पूरे हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को नुकसान हुआ है.
अजय बहादुर सिंह जिला सिरमौर के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर उनकी सुविधा अनुसार कार्य कर पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं और इस बात से जिला सिरमौर के सभी कार्यकर्ता भली-भांति परिचित हैं, यही कारण है जिस वजह से वे भारतीय जनता पार्टी के बी टीम के नेता से जाने जाते हैं.
विधानसभा चुनावों में होगा नुकसान
आगे लिखा है कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के सबसे पुराने कार्यालय कांग्रेस भवन का कुछ हिस्सा तुड़वा कर अपने समधी का व्यापारिक भवन बनवाया है जिसके कारण कांग्रेस में पूरी तरह से अंधेरा हो गया है व पार्टी की आय को नुकसान पहुंचा है.
अत: हम सभी निम्न हस्ताक्षरित आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि यदि जिला सिरमौर में पार्टी को सक्रिय करना है तो इनकी जगह पार्टी के किसी योग्य, अनुभवी व कम आयु के व्यक्ति को सिरमौर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाए, अन्यथा जिला सिरमौर में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
भाजपा समर्थक के होटल में कार्यक्रम
कांग्रेस सूत्रों का ये भी कहना है कि रविवार को जो प्रतिभा सिंह का कार्यक्रम रखा गया है वो भाजपा समर्थक के रिजॉर्ट में रखा गया है.
इस कार्यक्रम के लिए जो निमंत्रण पत्र छापा गया है उसमें 7 बार से विधायक गंगू राम मुसाफिर, 5 बार के विधायक और वर्तमान में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हर्षवर्धन चौहान का नाम तक नहीं लिखा गया है.
पूरे जिले में जो पदाधिकारी बनाए गए हैं उनमें से अधिकतर की छवि ठीक नहीं है.
नाहन में अजय बहादुर सिंह ने इन आरोपों पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन शुक्रवार को हुई बैठक को लेकर कहा कि अगर मुझसे आपत्ति थी तो पहले ही बता देते, मुझे पद की लालसा नहीं है, मैं पद छोड़ देता, बैठक की क्या जरूरत थी.
इस चिठ्ठी पर शिलाई से कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि व्यक्ति विशेष से किसी तरह की दिक्कत नहीं है बात पार्टी की है.
पार्टी को मजबूत करने और जिले में पार्टी को जिंदा रखने के लिए काम करेंगे, जो पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की राय है उसके अनुसार चलेंगे.
