
व्यूरो रिपोर्ट
लोक निर्माण विभाग द्वारा भरमाड़-रैहन मार्ग पर बारिश में डाली जा रही कोलतार से सरकारी खजाने को चूना लग रहा है। सोमवार देर शाम बारिश हुई। लेकिन बारिश के बीच ही लोक निर्माण विभाग के मार्ग पर कोलतार डालने का काम जारी रहा जोकि नियमों को ताक पर रखकर डाली जा रही है।
बारिश में डाली जा रही कोलतार कुछ ही दिनों में उखड़ जाएगी तथा इससे एक बार पुनः मार्ग की हालत खराब हो जाएगी। बारिश में कोलतार डालने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है तथा ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि नियमों अनुसार धूप में ही कोलतार डाल सकते हैं जबकि उक्त मार्ग पर बारिश में ही कोलतार डाली जा रही है। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। लोगों ने कहा कि जब ट्रैक्टर चालक से इस बारे में पूछा गया तो जवाब मिला कि क्या बारिश में लैंटल नहीं डाले जाते।
लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के मंत्री, जिलाधीश कांगड़ा डॉक्टर निपुण जिंदल से मांग उठाई है कि इस पर विभाग के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यह बोले अधिशाषी अभियंता
इस बारे में लोक निर्माण विभाग ज्वाली के अधिशाषी अभियंता जगतार सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर कोई ठेकेदार ऐसा कर रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
