
कहा, हमें न तो टेंडर रद्द करने की जानकारी व न ही नए ठेकेदार को टेंडर देने की सूचना, सीएम, शहरी मंत्री व विधायक से जांच करने की उठाई मांग
ज्वाली – अनिल छांगु
नगर पंचायत जवाली में सफाई के टेंडर को लेकर काफी गहमागहमी का माहौल है। नगर पंचायत ज्वाली की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है।
पहले कार्य कर रहे ठेकेदार के टेंडर को रद्द किए बिना व नई कोटेशन मंगवाए बिना अन्य ठेकेदार को टेंडर कैसे दे दिया गया, इसके चलते भाजपा पार्षदों ने नगर पंचायत ज्वाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा पार्षदों ने नगर पंचायत ज्वाली के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सचिव व जेई को आड़े हाथों लिया है। नगर पंचायत ज्वाली में एक ठेकेदार पिछले डेढ़ साल से सफाई का टेंडर लेकर काम कर रहा है।
तो अब अप्रैल माह में उक्त ठेकेदार को नोटिस दिए बिना व नई कोटेशन मंगवाए बिना ही अन्य ठेकेदार को सफाई का टेंडर दिया जाना संदेहास्पद है।
नगर पंचायत द्वारा लिए गए इस निर्णय से भाजपा समर्थित पार्षद तिलक रपोत्रा, मीनू बाला, सुषमा परमार, मनोनीत पार्षद गुरदीप सिंह, अंकुर भड़वाल, सतीश गोल्डी ने नगर पंचायत को घेरा है।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के इस फरमान के बाद अब दो ठेकेदारों की लेबर काम कर रही है। कुछ वार्डों में पुराने ठेकेदार की लेबर कार्य कर रही है तो कहीं नए ठेकेदार की लेबर कार्य कर रही है।
नियमानुसार सफाई ठेकेदार का टेंडर दिसंबर माह में या मार्च माह में रद्द हो सकता है लेकिन अप्रैल माह में टेंडर कैसे रद्द किया गया।
अगर ठेकेदार की लेबर नगर पंचायत की सफाई नहीं कर रही थी या कोई अन्य शिकायत थी तो उक्त ठेकेदार को नोटिस दिया जाना चाहिए था।
नगर पंचायत ज्वाली के भाजपा पार्षदों मीनू बाला, तिलक रपोत्रा, सुषमा परमार, मनोनीत पार्षद अंकुर भड़वाल, गुरदीप सिंह व सतीश गोल्डी ने कहा कि नगर पंचायत ज्वाली के सचिव, चेयरमैन, वाइस चेयरमैन व जेई की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर यह सब कुछ किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि टेंडर कब रद्द हुआ, हमें इसकी जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कब कोटेशन मंगवाई गई, कब नया टेंडर निकला, इसकी भी जानकारी नहीं है।
पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पंचायत द्वारा जो पहले कोटेशन मांगी गई थीं, उसमें दूसरे नंबर पर जो ठेकेदार रहा था उसको नगर पंचायत के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सचिव व जेई की मिलीभगत से नियमों की उलंघना करते हुए लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर टेंडर दे दिया गया।
उन्होंने कहा कि बिना कोटेशन मंगवाए, दूसरे ठेकेदार को टेंडर नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ठेकेदार को नोटिस दिया जाना चाहिए था, उसके बाद टेंडर रद्द होना चाहिए था।
उसके बाद दोबारा से कोटेशन मंगवानी चाहिए थी तो टेंडर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक अर्जुन सिंह से इसकी जांच की मांग उठाई है।
नगर पंचायत सचिव सन्त राम नागर के बोल
इस बारे में नगर पंचायत सचिव सन्त राम नागर ने कहा कि जिस ठेकेदार को पहले टेंडर दिया गया था वो सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि इसके चलते पहले ठेकेदार के टेंडर को रद्द करते हुए दूसरे नंबर पर रहे ठेकेदार को टेंडर दे दिया गया है।
नगर पंचायत चेयरमैन राजिंदर राजू के बोल
वहीं नगर पंचायत जवाली के चेयरमैन राजिंदर राजू ने कहा कि टेंडर को रद्द करने का प्रस्ताव डाला गया था तथा उसके आधार पर ही दूसरे ठेकेदार को टेंडर दिया गया है।
सफाई ठेकेदार के बोल
वहीं सफाई ठेकेदार ने कहा कि मुझे नगर पंचायत द्वारा मार्च माह में कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही टेंडर रद्द करने बारे अवगत करवाया गया।
उन्होंने कहा कि अगर टेंडर रद्द किया गया है तो फिर दोबारा कोटेशन कब मंगवाई गईं, उसको सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए मिलीभगत से यह टेंडर उसको दिया गया।
उन्होंने कहा कि मेरी लेबर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वह नगर पंचायत के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
