
ज्वाली – अनिल छांगु
उपमंडल ज्वाली के अधीन ग्राम पंचायत सिद्धपुरघाड़ में सरकारी सीमेंट की करीबन 60 बैग पत्थर होने का मामला प्रकाश में आया है।
झलूं निवासी चैन सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सिद्धपुरघाड़ के वार्ड नं-9 में नाले के पानी से मेरे खेतों को बचाने के लिए वर्ष 2019 में डंगा निर्माण हेतु प्रस्ताव डलवाया गया था।
जिसकी स्वीकृति भी वर्ष 2019 में ही आ गई लेकिन सीमेंट के अभाव के चलते काम नहीं लगाया गया। वर्ष 2021 के आखिरी महीनों में डंगे के निर्माण हेतु सीमेंट कार्यस्थल के पास किसी निजी मकान में पंचायत के प्रतिनिधियों द्वारा रखवाया गया लेकिन उसके बाद पंचायत कार्य करवाना भूल गई।
अब उस सीमेंट को रखे हुए लगभग पांच महीने हो गए हैं और पंचायत की लापरवाही स्थिति यह है कि सारे का सारा सीमेंट पत्थर बन चुका है जोकि पंचायत के प्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते सीमेंट पत्थर हुआ है।
चैन सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर व बीडीओ फतेहपुर रणविजय कटोच से मांग की है कि इस मामले में पंचायत के खिलाफ़ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।
पंचायत प्रधान पूनम कुमारी के बोल:
इस बारे में पंचायत प्रधान पूनम कुमारी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए सीमेंट भेजा है उसको करने के लिए कोई भी लेबर नहीं मान रही है। उन्होंने कहा कि सीमेंट के बैग पत्थर हुए हैं, उसकी जानकारी नहीं है।
बीडीओ फतेहपुर रणविजय कटोच के बोल:
इस बारे में बीडीओ फतेहपुर रणविजय कटोच से बात हुई तो उन्होंने कहा कि अगर सरकारी सीमेंट के 60 बैग पत्थर हुए हैं, तो पंचायत के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
