
शिमला- जसपाल ठाकुर
सत्तारूढ़ भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गंभीर हो गई है। सरकार ने चुनाव को देखते हुए दिल्ली में मीडिया कोआर्डिनेटर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। मीडिया कोआर्डिनेटर को मासिक 90000 रुपये वेतन प्रदान किया जाएगा।
सरकार मिशन रिपीट करना चाहती है, उसके लिए पहले से शिमला स्थित डीपीआर निदेशालय में एक दर्जन लोग नियुक्त किए गए थे। विधानसभा के बजट सत्र से पहले सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने चार अहम निर्णय लिए हैं।
पहला निर्णय दिल्ली स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालय में मीडिया कांटेक्ट कोआर्डिनेटर नियुक्त किया जाएगा।
सरकार ने दूसरा निर्णय मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष व विधायकों के लिए लिया है। इन माननीयों को सुविधाएं प्रदान करने के तहत प्रदेश के बाहर रहने की किसी प्रकार की समस्या पेश न आए।
ऐसे में उन्हें 7500 रुपये का कमरा किराए पर लेने की मंजूरी प्रदान की है। यह सुविधा प्रदेश के बाहर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई में उपलब्ध रहेगी। मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने ठहरने की सुविधा विधानसभा क्षेत्र के बाहर भी प्रदान की है।
सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में रहने वाले झुग्गी झोपड़ी निवासियों को बड़ी राहत प्रदान की है। ऐसे गरीब लोगों को जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने की मंजूरी दी गई है।
वेतनमान में 15 फीसद पर लगाई मोहर
प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दी है। कर्मचारियों को वित्तीय लाभ में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए तीन आप्शन प्रदान किए हैं। 15 फ़ीसदी के आशन को सरकार पहले लागू कर चुकी है। लेकिन मंत्रिमंडल की मंजूरी आज ली गई।
सरकार ने 2.25 और 2.59 फीसद की आप्शन प्रदान की थी। इस आप्शन से कर्मचारी खुश नहीं थे, लंबे समय तक कर्मचारी इसका विरोध करते रहे और नई आप्शन चाहते थे। सरकार ने पंजाब की तर्ज पर कर्मचारियों को 15 फीसद की आप्शन प्रदान की है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 3 जनवरी 2022 को प्रदेश के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ प्रदान किया था।
