
मनरेगा के बजट में 32 फ़ीसदी कटौती की कड़े शब्दों में निंदा की
भांबला- नरेश कुमार
धर्मपुर ब्लाक कांग्रेस कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय धर्मपुर में हुई। इस बैठक में पार्टी सदस्यता अभियान को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा हुई और सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस सदस्यता अभियान को और मजबूती के साथ 15 फरवरी तक पहले चरण को संपन्न करें।
इस बैठक में मनरेगा बजट 2022-23 में 32% की कटौती के ऊपर गंभीर चिनता व्यक्त की गई। जो पंचायतीराज व्यवस्था के अन्तर्गत हमारे पंचायती राज के पास कुछ वित्तीय शक्तियां जिन्होने बडे संघर्षो से ली थी, वो 15वे वित आयोग में भारत सरकार के द्वारा हिमाचल प्रदेश की सरकार की सिफारिश के उपर 50% बजट की कटोती कर दी गई है।
इस बैठक में धर्मपुर ब्लाक के पंचायती राज से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, तथा सरकार द्वारा मनरेगा के नियमों को लेकर नए तुगलकी फरमान का कड़े शब्दों में विरोध किया गया ।
नए फरमान के मुताबिक सभी वार्ड मेंबरों को पंचायत GRS के साथ मिलकर पंचायतों में मनरेगा कार्य कर रहे मजदूरों के मस्ट्रॉल में दिन में दो बार मजदूरों के फोटो लेकर नई जारी की गई NNMS APP में रोजाना हाजिरी हेतु डालने पड़ेंगे।
बहुत दूर दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा ना होना, सभी वार्ड मेंबरों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध ना होना, कम आमदनी होने पर ऐसे अनेक वार्ड मेंबर होंगे, जिनके बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन उसी फोन पर चलती हो, उन सब वार्ड पार्षदो के लिए महीने के मात्र मिलने वाले 500 रुपये में मनरेगा सुपर विजन के लिए सचमुच नाकाफी है वही एक GRS के पास विकासखंड धर्मपुर में लगभग पांच-पांच पंचायतो का सुपरविजन है जो सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण व दुविधापूर्ण है।
अतः हिमाचल प्रदेश सरकार मनरेगा विरोधी व जनविरोधी ऑनलाइन दो वक्त की हाजिरी के फैसले को तुरंत वापिस ले अन्यथा कांग्रेस पार्टी यह मानती है कि जिस तरह मनरेगा बजट में 32% कटौती की गई है व 15वे वित्त आयोग में 50% कटौती की गई है उस तरह गरीब आदमी को मिलने वाली राहत को सरकार निचोडना चाहती है ताकि यह लोकप्रिय योजना ठप हो जाए।
परंतु हम प्रदेश सरकार को आगाह करना चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार द्वारा 2005 में डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा दी गई इस योजना को कमजोर करने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए चाहे कांग्रेस पार्टी को सड़कों पर उतर कर आंदोलन करना पड़े।
