
दुराना- राजेश कुमार
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस बजट में कर्मचारियों की जो दो बर्ष सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने की चर्चा सरकारी गलियारों में हो रही है उस से अच्छा है कि सरकार कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी और नई पैंशन के बीच का फार्मूला तैयार करते हुए एक सम्मानजनक राशि पैंशन के रूप में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर देने की नीति बनाए। ताकि सेवानिवृत्ति उपरांत सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति ठीक रह सके।
इस पर अपना सुझाव देते हुए साधू राम राणा ने कहा कि पुरानी पैंशन नीति के अंतर्गत कर्मचारी के अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पैंशन के रूप में दिया जाने का प्रावधान है, लेकिन अब वेतन आयोग लागू होने से कर्मचारियों के मूल वेतन में अच्छी बढ़ौतरी होने से यदि पैंशन के रूप में मूल वेतन के पचास प्रतिशत से हटकर 30 से 35 प्रतिशत देने पर सहमति बनाई जाए तो सरकारी खजाने का बोझ भी हल्का हो सकता है और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पश्चात् सम्मानजनक राशि पैंशन के रूप में मिल सकती है ।
