नूरपुर की वरंडा पंचायत में रणबीर सिंह निक्का ने लोगों द्वारा वनाए रास्ते का किया उद्घाटन

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नूरपुर- देवांश राजपूत

नूरपुर की वरंडा पंचायत में रणबीर सिंह निक्का ने लोगों द्वारा वनाए रास्ते का उद्घाटन किया ।पंचायत घर से जाट मौहल्ला बलखौटा नागनी माता का रास्ता जो काफी समय से खराब था, जगह जगह पर खड्डे व पानी खड़ा रहता था। यहां से 100-120 के करीब घरों के लोगों को आने जाने की दिक्कत रहती थी।

इस समस्या को लेकर गांव वासी हर जगह पंचायत,प्रशासन, मंत्री, विधायक के पास गुहार लगा चुके थे तथा मीडिया में भी यह मामला उजागर हुआ। पर किसी ने भी सुध नहीं ली। केवल आश्वासन ही मिलता रहा।गांव के नरेंद्र शर्मा ने गांव वासियों से बैठकर फैसला किया कि वह इस रास्ते को खुद मिलकर बनवाएंगे।वरंडा गांव की समस्या को देखते हुए समाजसेवी व भाजपा संगठन महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने गांववासियों को 51 हजार रुपया का सहयोग दिया और हर काम में आगे भी सहयोग देने का आश्वासन दिया।

समाजसेवी व भाजपा संगठन महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि कुछ समय पहले मीडिया के माध्यम से यह खबर हमारे पास पहुंची कि यहां गांव में रास्ते की बहुत ज्यादा समस्या थी, कि अगर यहाँ पर कोई किसी का रिश्तेदार या अस्पताल, बच्चों को स्कूल जाना होता था तो खराब रास्ते की वजह से सभी को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।इन्होंने इस समस्या को लेकर प्रशासन, पंचायत, यहां तक कि नूरपुर के विधायक व मंत्री से भी गुहार लगाई पर किसी ने भी इनकी नही सुनी।

तब इन सब ने एक प्रण किया कि हम सब मिलकर खुद के पैसों से रास्ते को बनवा देंगे। जब मुझे इस बात का पता चला तो मैंने नरेंद्र सोनू से सम्पर्क किया तथा इन्हें कहा कि हम भी इस काम के लिए सहयोग करना चाहते हैं। आज इस रास्ते को लोगों को समर्पित किया गया और मुझे इस रास्ते के शुभारंभ में आने का सौभाग्य मिला है। मैं इन सब का धन्यवाद करता हूं। कोई नेता अगर बात नहीं सुनता है तो उस आवाज को आगे पहुचाना भी इनका काम बनता है।समस्याओं की मांग करना इनका हक है क्योंकि जिन्होंने वोट देकर नेता चुना है उसका फर्ज बनता है कि लोगों की समास्याओं का हल करें।

मनोज शर्मा ने कहा कि इस रास्ते को पिछले बीस सालों से किसी ने भी ठीक नहीं करवाया। इस रास्ते के लिए हम स्थानीय विधायक, मंत्री के पास भी गए।उन्होंने हमें आश्वासन भी दिया कि हम जल्द ही इस रास्ते के लिए पंचायत में राशी भेज देंगे ।पर ऐसा नहीं हुआ। तो हमने मीडिया के माध्यम से रोष प्रकट किया।फिर मेरे बड़े भाई ने प्रण किया कि अगर प्रशासन, सरकार इस रास्ते को नहीं बनाएगा तो हम खुद ही बनवा देंगे। हमारे बुजुर्ग सभी से मिले पर हमें इस बात का दुख है कि हमने जिनको वोट देकर चुना उन्होंने न ही हमारे बुजुर्गो का मान रखा न ही हमारा रास्ता बनवाया।

गांव के बुजुर्ग व पूर्व वार्ड सदस्य होशियार सिंह ने कहा कि हमारे यहां रास्ते मे पचास सालों से पानी इकट्ठा होता आया है। इसको ठीक करवाने के लिए हम लगातार प्रशासन, विधायक,मंत्री से गुहार लगाते आ रहे हैं। पर किसी ने भी इसे ठीक नहीं करवाया।यहां तक इसको लेकर मौजूदा स्थानीय विधायक, मंत्री के पास भी गए तो उन्होंने कहा कि हम पांच लाख रुपया भेज देंगे। आप एक कमेटी बना लो। हमने कमेटी भी बना ली पर रुपये नहीं आए। तब हमने मिलकर इस रास्ते को खुद व कुछ लोगों के सहयोग से बना दिया है।हमारे यहां एक अस्पताल है उसकी हालत बहुत खस्ता है। हालांकि सरकार ने इसे बनवाने के लिए पैसा भी खर्च किया पर इसके बाबजूद भी सरकार इसकी कोई सुध नहीं ले रही है।

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